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अमीरों पर ज्यादा टैक्स से किसे नहीं है एतराज

TAX individualदावोस।। अरबपति दिग्गज कारोबारी अजीम प्रेमजी ने कहा है कि वह अमीरों पर ज्यादा टैक्स लगाने के खिलाफ नहीं हैं। सुपर रिच लोगों पर टैक्स का बोझ बढ़ाने के मामले में पहली बार इंडस्ट्री के किसी दिग्गज ने खुलकर सार्वजनिक तौर पर कुछ कहा है। प्रेमजी, देश की तीसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो के चेयरमैन हैं। उन्होंने कहा कि ‘वेरी, वेरी वेल्दी’ लोगों पर टैक्स का का मामूली बोझ बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए एक कट-ऑफ लिमिट तय किया जाए ताकि यह पहचान हो सके कि कौन लोग इस दायरे में आएंगे। देश में फिलहाल सबसे ज्यादा टैक्स रेट 30 फीसदी है।
देश के सबसे अमीर कारोबारियों में से एक प्रेमजी ने ईटी से कहा, ‘सैद्धांतिक तौर पर आप यह कैसे कह सकते हैं कि रईस लोगों को ज्यादा टैक्स का भुगतान नहीं करना चाहिए? एक ऐसे देश में जहां इतनी ज्यादा गरीबी हो, वहां आपको इस मामले में सही फैसला लेना चाहिए। और मेरा मानना है कि अमीर लोग बेतुके ढंग से पैसे खर्च कर रहे हैं।’ प्रेमजी दावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में हिस्सा लेने के लिए दावोस में हैं।
अमीर लोगों पर ज्यादा टैक्स लगाने का आइडिया प्रधानमंत्री के इकनॉमिक अडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन सी रंगराजन ने इस महीने एक इंटरव्यू में दिया था। उसके बाद इस पर लगातार बहस होती आ रही है। यहां तक कि फाइनैंस मिनिस्टर के प्री-बजट मीटिंग्स में भी इकनॉमिस्ट और इंडस्ट्रियलिस्ट के साथ इस पर विस्तार से चर्चा हुई है। इस मीटिंग में मौजूद बिजनेस लीडरों ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा था कि इससे ग्रोथ पर असर पड़ेगा।

हालांकि, इस आइडिया को सपोर्ट करने के बावजूद प्रेमजी इस बात को लेकर काफी सजग हैं कि टैक्स से जुड़े किसी फैसले पर कोई ‘नेगेटिव सेंटिमेंट’ न भड़क जाए। इसीलिए उन्होंने साथ में यह भी कहा कि इंडियन इकॉनमी में यह आखिरी चीज है, जिसे करने की जरूरत है क्योंकि इससे सरकार शॉर्ट-टर्म में बड़ी रकम नहीं जुटा सकती है। दावोस में मौजूद दूसरे बिजनेस लीडरों में से कुछ ने इसके सपोर्ट और कुछ ने इसके खिलाफ अपना पक्ष रखा।
इंफोसिस के को-चेयरमैन कृश गोपालकृष्णन ने कहा कि वह ज्यादा टैक्स को उसी सूरत में सपोर्ट करेंगे, जब ऐसा करने की कोई सही वजह हो। हालांकि, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इसके बजाय वह दूसरे विकल्प को ज्यादा पसंद करेंगे। उन्होंने कहा, ‘अगर साफ दिशा और साफ वजह हो तो मैं सुपर रिच लोगों पर ज्यादा टैक्स लगाने का समर्थन करूंगा। सरकार को ज्यादा रेवेन्यू की जरूरत है और हमें इस पर विचार करना होगा।’

 

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