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कतर पहुंचा तालीबान का दल, ऐति‍हासिक समझौते की उलटी गिनती शुरू

 अमेरिका के साथ ऐतिहासिक समझौते पर हस्‍ताक्षर के लिए 31 सदस्‍यीय तालिबान प्रतिनिधिमंडल कतर पहुंच चुका है। अमेरिकी विदेश सचिव माइक  पोम्पिओ की मौजूदगी में अमेरिका और तालिबान दोनों शांति समझौते पर आज हस्‍ताक्षर करेंगे। इस समझौते के साथ सबसे लंबे अमेरिकी युद्ध का अंत होगा। बता दें कि दोनों पक्षों के बीच शांति समझौते पर हस्‍ताक्षर कतर की राजधानी दोहा में होगा। इस बीच राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा है कि आज संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका और तालिबान युद्धग्रस्‍त अफगानिस्‍तान में स्‍थायी शांति लाने के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्‍ताक्षर करेंगे। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब तालिबान और अमेरिका इस एेतिहासिक करार पर कुछ घंटों बाद साइन करने वाले हैं।

US रक्षा सचिव और अफगान सरकार के साथ संयुक्‍त घोषणा पत्र जारी करेंगे

ट्रंप ने अपने बयान में आगे कहा है कि मेरे निर्देश पर जल्‍द ही राज्‍य के सचिव माइक पोम्पिओ तालिबान प्रतिनिधियों के साथ इस समझौते पर हस्‍ताक्षर करेंगे। उन्‍होंने कहा कि रक्षा सचिव मार्क ओपोर अफगानिस्‍तान सरकार के साथ संयुक्‍त घोषणा पत्र जारी करेंगे। राष्‍ट्रपति ने कहा कि अगर तालिबान और अफगानिस्‍तान की सरकार इन प्रतिबद्धताओं पर खरी उतरती है तो अफगानिस्‍तान में युद्ध को समाप्‍त करने और अपने सैनिकों को अमेरिका वापसी का मार्ग प्रशस्‍त होगा।

बहादुर अमेरिकी सेवा सदस्य को बोला थैंक्‍स 

राष्‍ट्रपति ने कहा कि लगभग 19 साल पहले 9/11 हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को जड़ से खत्म करने के लिए अमेरिकी सेवा सदस्य अफगानिस्तान गए थे। उन्‍होंने कहा कि अफगानिस्‍तान में प्रगति के लिए हमारे बहादुर सदस्‍यों ने अफगानिस्‍तान में बड़ी कीमत चुकाई है। ट्रंप ने कहा कि ‘जब मैं राष्‍ट्रपति कार्यालय पहुंचा तो मैंने अमेरिकी लोगों से वादा किया था कि अमेरिकी सैनिकों को घर ले आउंगा और युद्ध को समाप्‍त करना चाहूंगा। हम अपने वादे पर प्रगति कर रहे हैं।’ उन्‍होंने हजरों अमेरिकी योद्धाओं को धन्‍यवाद दिया, जिन्‍होंने अफगानिस्‍तान में अपनी सेवा से अमेरिका की गरिमा को आगे बढ़ाया।

तालिबान अल-कायदा और अन्‍य आतंकवादी समूहों से मुक्‍त

राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कहा कि तालिबान अल-कायदा और आइएसआएएस या किसी भी अन्‍य आतंकवादी समूहों से मुक्‍त था, जो हमें नुकसान पहुंचाना चाहते थे। उन्‍होंने कहा कि अफगानिस्‍तान में स्‍थाई शांति के लिए यह महत्‍वपूर्ण कदम होगा। यह अफगानिस्‍तान के लोगों को अपना भविष्‍य संवारने के लिए बेहतर मौका है।