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क्यों इटली के वेनिस शहर में 53 सालों के बाद चारों ओर भर गया पानी ही पानी

Images Of Flooded Venice: दुनिया में जलवायु परिवर्तन का बहुत अधिक असर कहीं देखने को मिला हो या नहीं मगर दुनिया के सबसे खूबसूरत शहरों में शुमार इटली के वेनिस में इसकी भयावहता दिखाई दे रही है। बीते 53 सालों में इस शहर में इतनी भयानक बाढ़ नहीं आई थी मगर 53 सालों के बाद इस माह यहां हुई बरसात ने पूरे शहर में अफरातफरी मचा दी है। सभी प्रमुख स्थानों पर पानी भरा हुआ है और यहां के लोगों को आने-जाने के लिए स्थानीय प्रशासन को एक अलग से रास्ता बनाना पड़ा है।

वेनिस के मेयर लुइजी ब्रुगनारो इसके लिए सीधे तौर पर जलवायु परिवर्तन को दोषी ठहरा रहे हैं, इसके अलावा एक और बड़े कारण की चर्चा की जा रही है। यहां बाढ़ का पानी रोकने के लिए बांध बनाए जाना था जो अब तक नहीं बन पाया है, इस वजह से थोड़ी से अधिक बरसात ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया। सभी प्रमुख इमारतें और ऐतिहासिक स्थान पानी में डूबे हुए हैं, इनसे लगातार नुकसान हो रहा है।

नहीं बनाए गए बाढ़ रोकने वाले बैरियर और अधिक बरसात 

वेनिस में इतना पानी भरने के दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। पहला जलवायु परिवर्तन और दूसरा बाढ़ से निपटने के लिए जो बैरियर बनाए जाने थे, उन पर अब तक काम नहीं किया गया। इस वजह से आज यहां के हालात खराब  है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस परियोजना में इतनी देरी हो चुकी है जिसके कारण इस पर होने वाला खर्च भी बढ़ता जा रहा है। बैरियर नहीं बनाए जाने के पीछे भ्रष्टाचार की भी शिकायतें आ रही हैं। यहां के लोगों को एक चिंता ये भी है कि बाढ़ को रोकने वाला बांध यहां के इकोसिस्टम को नुकसान पहुंचाएगा।

अक्वा आल्टा ने मचाई तबाही

इटली में कुछ दिन पहले तेज बरसात हुई। इसके बाद चक्रवात और हाइटाइड के कारण पूरा शहर बाढ़ से खतरे की जद में आ गया। आमतौर पर वेनिस में हर साल पानी का स्तर बढ़ता है, इसे स्थानीय भाषा में अक्का आल्टा कहा जाता है। अक्का आल्टा का मतलब होता है ऊंचा पानी। इन दिनों शहर के हर हिस्से में पानी भरा हुआ है। लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा है कि उनके शहर में इतना पानी हो सकता है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ यहां का प्रशासन भी इससे परेशान है और बचाव के उपाय कर रहा है।

रियाल्टो ब्रिज के नीचे ग्रैंड कैनाल के किनारे टूटे

वेनिस की पहचान रियाल्टो ब्रिज के नीचे ग्रैंड कैनाल के लिए भी होती है। इन दिनों इसमें इतना अधिक पानी हो गया है कि इसके किनारे टूट गए हैं। इन टूटे हुए किनारों को तोड़कर पानी बाहर बह रहा है। दरअसल ग्रैंड कैनाल शहर में एक जगह से दूसरी जगह जाने का प्रमुख रास्ता है। मगर बरसात का पानी जमा होने की वजह से इस पुल तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय नागरिकों को इससे भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

प्रमुख सेंट मार्क स्केवायर भी बंद

इस शहर के प्रमुख सेंट मार्क स्केवायर का भी बुरा हाल है। यहां घुटने तक पानी भरा हुआ है। ये इस शहर का एक प्रमुख स्थल है, तमाम जगहों से लोग इस जगह की ऐतिहासिकता को देखने के लिए आते हैं। पानी भरा होने की वजह से अब मेयर ने पुलिस को आदेश दिया है कि वो पर्यटकों को वहां जाने से रोकें।

मरम्मत के लिए दो करोड़ यूरो खर्च करने का एलान

स्थानीय सरकार ने बाढ़ से हुए नुकसान की मरम्मत के लिए दो करोड़ यूरो की रकम खर्च करने का एलान किया है। इसके अलावा यहां के मेयर ने लोगों से इस आपदा से निटने में मदद देने की अपील भी की है।

1966 में आई थी इस स्तर की बाढ़

शहर के पुराने लोग बताते हैं कि इससे पहले साल 1966 में यहां पर इस तरह से बाढ़ आई थी। उस समय पानी का स्तर 194 सेंटीमीटर की ऊंचाई तक चला गया था। उस समय सेंट मार्क स्केवायर में पानी का स्तर 187 सेमी तक चला गया। ये रिकार्ड के लिहाज से अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। आलम ये है कि इन दिनों सड़कों पर चलने के लिए लोगों को अलग से बनाए गए रास्ते पर चलना पड़ रहा है।

जलवायु परिवर्तन को बताया जा रहा कारण

वेनिस के मेयर लुइजी ब्रुगनारो का कहना है कि इन दिनों वेनिस के जो हालात हो रहे हैं उसके पीछे जलवायु परिवर्तन भी एक बड़ा कारण है। उनका कहना है कि शहर के इतिहास में कई दशक के बाद ऐसे हालात देखने को मिले है। अभी यहां के जो हालात है उसके बाद भी यदि यहां आने वाले दिनों में कुछ बारिश हो गई तो हालात और भी भयंकर होंगे। मौसम विभाग का कहना है कि अभी आने वाले दिनों यहां भारी बारिश का पूर्वानूमान है, ऐसे में स्थिति और भी खराब होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।