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जीएम फसलों पर होगा तकरार, सरकार दे जवाब

resizedimage (4)लखनऊ।। (डीडीसी न्यूज़ नेटवर्क)।। जीएम फसलों के उत्पादन, बकाए गन्ना किसानों के भुगतान और कई मांगों को लेकर किसान यूनियन ने यूपी और केंद्र सरकार को चेतावनी दी है। यूनियन ने नेताओं पर किसानों के हालात और पर्यावरण नुकसान की अनदेखी करते हुए फैसला लेने का आरोप लगाया है। जीएम फसलों के उत्पादन को लेकर सरकार के फैसले का किसान यूनियन विरोध करेगी। लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव ने प्रदेश सरकार के जैव परिवर्तित  बीजों के परीक्षण और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिग जैसी नीतियों को लेकर सवाल खड़ा किया है। किसान यूनियन की दलील है कि ऐ सब कुछ मल्टीनेश्नल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। किसान यूनियन के नेताओं ने बीटी बैगन जैसे मामलों की दलीलें भी दी, जिसमें केंद्र सरकार को जीएम बीजों से खेती, पर्यावरण और लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ने की आशंका को लेकर रोक लगानी पड़ी थीं। इतना ही नहीं जीएम फसलों की फार्मिंग पर बिहार,उडीसा,राजस्थान,मध्यप्रदेश,समेत आधा दर्जन से अधिक राज्यों ने रोक लगा दी है। किसान यूनियन ने किसानों के साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए से अधिक के गन्ना बकाए का भुगतान जल्द करने की मांग की है। प्रदेश में  किसानों की कर्जमाफी को लेकर राज्य सरकार की नीतियों से नाराज किसान यूनियन के नेता ने ये भी कहा कि किसानों को 3 फीसदी की जगह 13 फीसदी ब्याज देना पड़ रहा है।

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भारतीय किसान यूनियन केंद्र सरकार से कच्ची चीनी आयात करने को लेकर भी सख्त है। यूनियन की मांग है कि देश में चीनी की उपल्ब्धता खपत से अधिक है फिर भी चीनी आयात की जा रही है जो किसानों के साथ मजाक है। अब सवाल ये है कि किसान यूनियन की मांगों को केंद्र और राज्य सरकार सुनती है या यूनियन को सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ेगा।(एजेंसी)

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