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विरोधियों को ट्विटर पर ब्‍लॉक करके सांविधानिक अधिकारों का उल्लंघन कर रहे ट्रंप: अदालत

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (US President Donald Trump) राजनीतिक मतभेदों के आधार पर टि्वटर यूजर्स को कानूनी रूप से ब्लॉक नहीं कर सकते हैं। ऐसा करके उन्‍होंने संविधान का उल्‍लंघन किया है। एक संघीय अपीलीय अदालत ने मंगलवार को निचली अदालत के निर्णय को सही ठहराते हुए यह फैसला सुनाया। तीन जजों की समिति ने एक संघीय न्यायाधीश के पिछले साल के उक्‍त फैसले पर 3-0 से मुहर लगाई।

मैनहटन की संघीय अपीलीय अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति विरोधी विचार रखने वाले लोगों के सांविधानिक अधिकारों का उल्लंघन करके वैचारिक भेदभाव कर रहे हैं। फैसले में कहा गया है कि पहला संशोधन ट्रंप को ट्विटर के ब्लॉकिंग फंक्शन का इस्तेमाल करने से रोकता है, जिससे उनके खाते तक पहुंच सीमित हो जाए। बताते चलें कि उनके 6.18 करोड़ फॉलोअर्स हैं।

सर्किट जज बैरिंगटन पार्कर (Circuit Judge Barrington Parker) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के कई फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहला संशोधन (First Amendment) सभी तरह के आधिकारिक कार्यों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल करने वाले एक सार्वजनिक अधिकारी को अनुमति नहीं देता है कि वह खुले ऑनलाइन संवाद से व्यक्तियों को इसलिए बाहर कर दे क्योंकि उनके विचारों से शीर्ष अधिकारी असमत है।

हालांकि, व्हाइट हाउस (White House) और अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) ने इस मामले में तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है। यहां तक कि ट्विटर (Twitter) ने भी इस मामले में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। मामले में व्हाइट हाउस के सोशल मीडिया निदेशक डैन स्काविनो (Dan Scavino) भी प्रतिवादी हैं। ज्ञात हो कि ट्रंप ने अपने एजेंडे को बढ़ावा देने और आलोचकों पर हमला करने के लिए @RealDonaldTrump एकाउंट को अपने राष्ट्रपति पद का विवादास्‍पद हिस्सा बनाया है।

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