सुप्रीम कोर्ट FDI को लेकर सरकार से क्या पूछा

resizedimageनई दिल्ली।। सुप्रीम कोर्ट ने मल्टिब्रैंड रीटेल में एफडीआई लागू होने पर छोटे कारोबारियों को लेकर चिंता जताई है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह पूछा है कि कि रीटेल में एफडीआई की मंजूरी देने के बाद छोटे कारोबारियों के हितों की रक्षा कैसे की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सरकार से पूछा, ‘क्या आपको कुछ इन्वेस्टमेंट मिला या यह केवल पॉलिटिकल तिकड़म था? क्या एफडीआई पॉलिसी से कुछ हासिल हुआ?’ केंद्र के एफडीआई नोटिफिकेशन को चुनौती देने वाली एक पीआईएल (जनहित याचिका) पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि छोटे कारोबारियों के हितों की रक्षा के लिए कुछ कदम उठाए जाने चाहिए।

कोर्ट ने पूछा, ‘छोटे कारोबारियों के हितों की रक्षा करने के लिए केंद्र सरकार ने क्या इंतजाम किए हैं? अगर बड़ी कंपनियां बिजनेस के लिए गलत रास्ता अपनाते हुए कीमत कम कर देती हैं तो छोटे कारोबारियों का क्या होगा?’सरकार की तरफ से कोर्ट में पेश अटर्नी जनरल जीई वाहनवती ने कहा कि संसद में इन सभी पहलुओं पर विचार के बाद ही एफडीआई पॉलिसी के खिलाफ प्रस्ताव को खारिज किया गया था।अटर्नी जनरल ने कहा, ‘यह पॉलिटिकल तिकड़म नहीं है, बल्कि यह रिफॉर्म्स का एक हिस्सा है। यह सरकारी नीति का मामला है और इन्वेस्टमेंट के लिए ऐप्लिकेशंस आ रहे हैं।’

इस पर कोर्ट ने कहा, ‘रिफॉर्म्स होने चाहिए लेकिन इससे छोटे कारोबारियों के लिए दरवाजे बंद नहीं होने चाहिए। हम पॉलिसी बनाने वाले नहीं हैं, लेकिन किसी भी पॉलिसी को संवैधानिक दायरे में होना चाहिए। हम किसी पॉलिसी की जगह कुछ और नहीं देते लेकिन देखते हैं कि कहीं वह संविधान का उल्लंघन तो नहीं कर रही।’ कोर्ट ने सरकार को ऐफिडेविट फाइल करने के लिए 3 हफ्ते का वक्त दिया है।

loading...
Pin It