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अखिलेश यादव को धोखा देने के लिए बाबा ने दिया 350 का आंकड़ा, सपाई नाराज

फोटोः फाइल

लखनऊ. आजकल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हर प्रेस कांफ्रेंस में 351 सीट जीतने की बात कर रहे हैं। यह बात अब पूरे प्रदेश में तेजी से वायरल भी हो रही है। समाजवादी पार्टी के कई जमीनी नेता सीट की इस संख्या को लेकर नाराज हैं। वह कहते हैं कि नेता जी को अभी भी बाबाओं पर से भरोसा नहीं उठा है। वह यदि बाबाओं पर भरोसा कर 350 का आंकड़ा लेकर चलेंगे तो उन्हें धोखा मिलेगा। अखिलेश यादव अब बच्चे नहीं हैं, वह 5 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहे हैं, अपने काम और अपने सरकार की गतिविधियों की बात करें तो ठीक है। जनता के बीच जाएं तो और अच्छा है, लेकिन केवल बाबा ने कह दिया कि 350 तो वह 351 मानकर बैठ जाएं तो यह उनकी गलत फहमी होगी।

दैनिक दुनिया ने सपा के 10 बड़े नेताओं से बात की तो इसमें से 8 नेता अखिलेश यादव के इस आंकड़े को धोखा ही बता रहे हैं, हालांकि कोई भी नेता अपना नाम मीडिया में उजागर नहीं करना चाहता है। हर किसी को डर है कि वह टारगेट होगा, दैनिक दुनिया नेता की बात को उसकी पहचान को उजागर किए बिना इसे प्रमुखता से प्रकाशित कर रहा है।

सपा के एक नेता ने तो अखिलेश यादव और भ्रम में रखने का तरीका इसे बताया है। उनका कहना है कि अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव में भी एक बाबा को लेकर प्रचार कर रहे थे। लोकसभा चुनाव में वह 30 सीट का आंकड़ा देख रहे थे, लेकिन उनकी पत्नी डिम्पल तक चुनाव हार गईं, इसके बाद भी वह हकीकत नहीं समझ रहे हैं, तो वह ही जानें। अखिलेश यादव की क्षमता और उनकी कबिलियत में किसी को संदेह नहीं है, लेकिन हम किससे चुनाव लड़ रहे हैं ये बात वह हर बार भूल जाते हैं।

गौरतलब है कि अखिलेश यादव का कहना है कि एक बाबा ने उनका हाथ देखकर कहा है कि वह 350 सीट विधानसभा के चुनाव में जीतेंगे, तो अखिलेश यादव का जवाब था कि वह 351 सीट जीतेंगे। एक सीट बढ़ा दे रहे हैं। अखिलेश यादव के इस बयान का मजाक भी बनाया जा रहा है। कांग्रेस और भाजपा समेत अन्य दलों ने नेता भी अखिलेश यादव को अभी भी मेहनत से दूर भागने वाला नेता करार दे रहे हैं।

कांग्रेस के एक नेता तो यहां तक कहते हैं कि अखिलेश यादव को 200 सीट का बयान देना चाहिए था। इससे उनकी पार्टी के कार्यकर्ता और उत्साहित होते और 206 लीट लाने की कोशिश करते, लेकिन यहां तो बताया जा रहा है कि हम पहले ही चुनाव जीत रहे हैं और वह भी 351 सीट के साथ। यह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का दृष्टिकोण नहीं हो सकता है, उन्हें किसी सलाहकार ने ही ऐसी सलाह दी होगी।