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बस्ती: कुदरहा ब्लॉक प्रमुख की ओर से हर दिन हो रहा मास्क, सैनिटाइजर व राशन का वितरण

दैनिक दुनिया प्रतिनिधि, बस्ती

लखनऊ/बस्ती. बस्ती जिले में कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए नेता भी हर स्तर पर मदद में जुट गए हैं। कुदरहा ब्लाक के प्रमुख ब्रह्मदेव यादव देवा की ओर से पिछले एक महीने से लगातार राहत सामग्री के साथ ही सैनिटाइजर और मास्क का वितरण किया जा रहा है। राहत सामाग्री गांव-देहात में लोगों तक पहुंचा रहे लोगों का कहना है कि यह कार्य कुदरहा के ब्लाक प्रमुख ब्रह्मदेव यादव देवा और समाजसेवी अनिल दुबे की ओर से किया जा रहा है। सभी को निर्देश दिया गया है कि कोई भी व्यक्ति चाहे वह दिल्ली-बंबई से आया हो या यहीं का हो, वह भूखा नहीं रहना चाहिए। उसे हर जरूरी सामान समय पर पहुंचाया जाए।

गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण को लेकर पहले 22 मार्च को एक दिन का जनता कर्फ्यू किया गया था। इसके बाद ही 21 दिनों के लिए लाक डाउन कर दिया गया। इस लाक डाउन ने गरीबों-मजदूरों और हर दिन रेहड़ी पटरी पर दुकान लगाने वाले और सब्जी बेचने वाले दुकानदारों की कमर ही तोड़ दी। इसके बाद हर दिन हालात खराब होने लगे। तमाम समाजसेवी संगठनों और नेताओं ने तब अपने पार्टी और अपने खर्चे से आम आदमी को राशन और जरूरी सामान पहुंचाने का काम शुरू किया। हालांकि लाक डाउन-1 के बाद अब लाक डाउन-2 तो और भी भारी पड़ रहा है। क्योंकि जो राशन लोगों के पास था, वह भी खत्म हो रहा है। इसे देखते हुए राशन और जरूरी सामानों का इंतजाम करवाया जा रहा है। सरकार भी जरूरी सामान लोगों तक पहुंचा रही है और निजी संस्थाएं भी अपना काम जिम्मेदारी के साथ कर रही हैं।

कुदरहा ब्लाक में सैकड़ों लोग राशन और जरूरी सामान के साथ सैनिटाइजर और मास्क लेकर आपको गांव-गांव जाते हुए दिख जाएंगे। ये कार्यकर्ता गांव के लोगों को अपना नंबर भी देते हैं और यह अपील भी करते हैं कि यदि इलाके में किसी भी व्यक्ति के पास खाने के लिए जरूरी सामान नहीं है तो वह इसकी जानकारी दें।

ब्लॉक प्रमुख ब्रह्मदेव यादव देवा कहते हैं कि गांव का किसान ही हमारा सबकुछ है। वह है, तो हम हैं। किसानों की हर परेशानी हमारी परेशानी है। ऐसे में हमारा धर्म है कि इस महामारी में किसानों और गांव-देहात के भाई-बहनों और माता-पिता के साथ हम खड़े रहें। किसान अन्नदाता है। कहा भी जाता है कि देश की खुशहाली का रास्ता खलिहानों से होकर गुजरता है। ऐसे में इस खलिहानों का मालिक यदि दुखी होगा, तो हमारा देश खुशहाल नहीं हो सकता है। हम हर स्तर पर गांव-देहात के लोगों की मदद कर रहे हैं और करेंगे।