मोदी सरकार का नया फरमान, रात 10 बजे के बाद शुरु हो कंडोम का विज्ञापन...

नई दिल्ली. कंडोम विज्ञापन को लेकर मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है। मोदी सरकार ने कंडोम विज्ञापन के लिये समय सीमा निर्धारित की है। बता दें टेलीविजन चैनलों पर कंडोम के विज्ञापन के लिए रात 10 बजे से...

सोनू यादव ने भी कसर नहीं छोड़ी अखिलेश की लुटिया डुबोने में...

लखनऊ ।। उत्तर प्रदेश के कार्यकारी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ओएसडी प्रेस आशीष यादव उर्फ सोनू की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की चुनावी रैलियों में ...

यहां सुनिए, क्यों बंद हो रहे हैं टीवी समाचार चैनल...

लखनऊ।। पिछले दिनों दैनिक भास्कर समेत कई समाचार चैनलों के शटर बंद हो गए। सैकड़ों पत्रकार बेरोजगार हैं। इसके लिए कौन जिम्मेदार है? क्या पत्रकारिता में आने वाली नई पौध सही चुनाव नहीं कर पाती है या चैनल ...

धड़क-धड़क करता ‘मुगलसराय’ शहर...

मुगलसराय रेलवे का ऐसा चेजिंग प्वाइंट है कि आपकी यात्रा और यात्रा संस्मरणों में न चाहते हुए भी चुपके से घुस जाता है। विश्व में अपनी अलग पहचान रखने वाला मुगलसराय एशिया का सबसे बड़ा रेलवे यार्ड व एशिया ...

‘सपनों का सोना सपने में ही रहेगा, बंद होगी खुदाई’...

लखनऊ।। यूपी के उन्नाव में सोने की तलाश के लिए हो रही खुदाई शुरू होने के 15 दिन बाद भी नतीजा शिफर है। पूरे देश की नजर उन्नाव के डौंडिया खेड़ा गांव में राजा राव रामबख्श सिंह के किले पर टिकी हुई थी। सूत्...

बेशर्म बुद्धिजीवी और उनका एक बेहया तंत्र !...

दंगों के इस भयावह दौर में, बेशर्म सरकारों के बेगैरत रवैए पर सवाल उठाने की बजाय, अगर आपकी सुबह गोल धरती को चपटी मानने वाले धार्मिक लोगों से उनकी आस्था का उपहास उठाते सवाल से शुरू हो रही है अथवा भगवान ...

सीएम ने दिया मृतक पत्रकार की विधवा को दो लाख का चेक, मदद का भी आश्वासन...

लखनऊ।। (डीडीसी न्यूज़ नेटवर्क/अरविन्द यादव) ।। ब्रेन हैमरेज से पीड़ित पत्रकार राम मोहन पांडेय की मौत के बाद मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए उनकी विधवा को 2 लाख की तत्काल मदद और उनके बेटे को आगे भी मद...

तहलका में ख़बर के नाम पर विज्ञापन, पेज नंबर भी गायब...

लखनऊ।।अखिलेश कृष्ण मोहन।। नेताओं और घपलेबाजों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाली तहलका पत्रिका ने 31 मार्च के अंक में विज्ञापन को ही ख़बर के शक्ल में परोस दिया। 10 रुपए में हक़ीक़त दिखाने वाली पत्रिका के ...

मीडिया में दलित ढूंढते रह जाओगे, लेकिन ऐसा क्यों ?...

: पुस्‍तक समीक्षा: शायद ही कोई ऐसा हो जो मीडिया से आज परिचित न हो! पहले मिशन, फिर प्रोफेशन और आज बाजारवाद के प्रभाव में मीडिया है। इन सब के बीच भारतीय मीडिया पर अक्सर मनुवादी मानसिकता का आरोप लगता रह...

कौन बनी 48 हजार करोड़ की मालकिन ?...

इंदौर।। (डीडीसी) ।। जिंदगी जीने का अर्थ है इसे दिशा देने की काबिलियत। स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग बढ़ाने से ज्यादा जरूरी है लाइफ के लेवल को सुधारना। हमें याद रखना चाहिए कि जिंदगी के सफर में लुत्फ खुशी का होत...