बेशर्म बुद्धिजीवी और उनका एक बेहया तंत्र !...

दंगों के इस भयावह दौर में, बेशर्म सरकारों के बेगैरत रवैए पर सवाल उठाने की बजाय, अगर आपकी सुबह गोल धरती को चपटी मानने वाले धार्मिक लोगों से उनकी आस्था का उपहास उठाते सवाल से शुरू हो रही है अथवा भगवान ...

मीडिया में दलित ढूंढते रह जाओगे, लेकिन ऐसा क्यों ?...

: पुस्‍तक समीक्षा: शायद ही कोई ऐसा हो जो मीडिया से आज परिचित न हो! पहले मिशन, फिर प्रोफेशन और आज बाजारवाद के प्रभाव में मीडिया है। इन सब के बीच भारतीय मीडिया पर अक्सर मनुवादी मानसिकता का आरोप लगता रह...