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राम मंदिर का फैसला सुनाने वाले EX-CJI रंजन गोगोई को भाजपा भेजेगी राज्यसभा

लखनऊ. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए नामित किया गया है। उनका राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है। भाजपा ने रंजन गोगोई को राज्यसभा भेज रही है।

गोगोई ने 1978 में बार में दाखिला लिया और गुवाहाटी उच्च न्यायालय में अभ्यास किया, जहां उन्हें 28 फरवरी 2001 को स्थायी न्यायाधीश बना दिया गया। 9 सितंबर 2010 को उन्हें पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया और 12 फरवरी 2011 को इसका मुख्य न्यायाधीश बना दिया गया। 23 अप्रैल 2012 को उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था।

12 जनवरी 2018 को न्यायमूर्ति जे चेलेश्वर, एमबी लोकुर और कूरियन जोसेफ के साथ मिलकर न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने भारत का उच्चतम न्यायालय के इतिहास में पहली बार, उच्चतम न्यायालय के न्याय वितरण प्रणाली में विफलता और मामलों के आवंटन के मामलें में एक प्रेस वार्ता आयोजित किया। प्रेस बैठक के दौरान, चारो न्यायाधीशों ने पत्रकारों से कहा कि विशेष सीबीआई न्यायाधीश बृजगोपाल हरकिशन लोया की मौत के मामले को न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा को आवंटित करने से प्रेरित होकर उन्होंने प्रेस वार्ता की है। लोया, एक विशेष सीबीआई न्यायाधीश थे, जिनकी दिसंबर 2014 में निधन हो गया था। न्यायमूर्ति लोया 2004 के सोहराबुद्दीन शेख मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें पुलिस अधिकारी और बीजेपी प्रमुख अमित शाह का नाम सामने आया था। बाद में न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया। न्यायमूर्ति चेलेश्वर 30 जून, 2018 को सेवानिवृत्त हुए, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई को भारत के उच्चतम न्यायालय के दूसरे वरिष्ठ न्यायाधीश के रूप में बने।