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लॉकडाउन में अखिलेश यादव के लैपटॉप से बेटियां घरों में कैद कर रही हैं पढ़ाई

रिपोर्ट- अमृत कुमार पांडे

गोरखपुर. कोरोना लॉकडाउन में अखिलेश यादव का लैपटॉप बेटियों के लिए पढ़ाई का अचूक साधन बन रहा है। घरों में कैद गोरखपुर, बस्ती और संतकबीर नगर की 5 छात्राओं से बात की गई, तो उनका कहना था कि वह आज भी इसी लैपटॉप से पढ़ाई कर रही है। यह लैपटॉप न होता तो पता नहीं वह दूसरा लैपटॉप कब खरीद पाती।

गोरखपुर की रंजना पाठक और सुधा गौतम का कहना है कि उन्हें तो लैपटॉप अखिलेश यादव की सरकार में नहीं मिला, लेकिन उनके परिवार में मिला था, इस लिए वह इसका उपयोग कर रही हैं। हालांकि वह भी कहती हैं कि लैपटॉप योजना अच्छी थी। यदि उन्हें भी लैपटॉप मिलता तो अच्छा रहता।

इसी तरह बस्ती जिले के पवन कुमार अखिलेश यादव द्वारा दिए गए लैपटाप से अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। वह कहते हैं कि इस लैपटॉप को मैं पिछले 4 वर्ष से उपयोग कर रहा हूं। केवल बैटरी कमजोर हुई है, लेकिन बाकी सबकुछ लोहा लाट है। पवन भी कहते हैं कि यह लैपटॉप उनके भाई को मिला था, लेकिन अब इसका इस्तेमाल वह अपनी पढ़ाई और अपनी छोटी सी दुकान को चलाने में कर रहे हैं।

संतकबीर नगर के गिरजेश यादव और रंजीत गौतम की पत्नी को लैपटॉप मिला था। गिरजेश इस लैपटाप से पढ़ाई कर नौकरी कर रहे हैं, तो वहीं पर रंजीत गौतम अपनी पत्नी को मिले लैपटॉप से कंप्यूटर आपरेटर का काम कर रहे हैं। गिरजेश लैपटाप योजना को बहुत ही जरूरी और उपयोगी मानते हैं।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव की लैपटाप योजना 10वीं और 12वीं पास मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए थी। इस योजना में छात्रों को मिले अंक के आधार पर ही लैपटॉप का वितरण किया गया था। इसके बाद भी विरोधी पार्टियां लैपटॉप वितरण में गड़बड़ी की शिकायत करती रही हैं। हालांकि बाद में उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद इस मामले की कोई जांच नहीं हुई और यह मुद्दा ही खत्म हो गया।

नोट- कुछ इनपुट एजेंसियों से भी लिया गया है।