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उप नगर आयुक्त संतोष यादव को 2 साल से नहीं मिला वेतन !

लखनऊ. कर्मचारियों के वेतन में 10-15 दिन की देरी का मामला और बवाल तो आपने सुना होगा, लेकिन लखनऊ के नगर निगम में हालात ऐसे हैं कि विभाग के ही क्लास वन अफसर संतोष कुमार यादव को 2 वर्ष से वेतन नहीं दिया जा रहा है। उनका वेतन अलग-अलग समय पर अलग-अलग दलील के साथ लटकाया जा रहा है। कभी-कभी तो उनसे संबंधित पत्र अन्य विभागों से साधारण डाक से मंगवाया जा रहा है, जिससे देरी हो और उन्हें परेशान किया जा सके। बाबुओं ये कहवाया जा रहा है कि अभी तो फाइल तैयार हो रही है। वेतन आपको जरूर मिलेगा। यह मामला आजकल उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने भी लिया संज्ञान

जानकारी के मुताबिक, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार यादव का गंभीर मामला संज्ञान में आने के बाद विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने दो बार फोन कर वेतन भुगतान के आदेश नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी को दिए हैं तथा महाहिम राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की ओर से 408 दिन के वेतन की स्वीकृति देते हुए भुगतान का आदेश लगभग डेढ़ माह पूर्व नगर निगम को उपलब्ध करवाया जा चुका है। परंतु नगर निगम न तो प्रमुख सचिव के आदेश का पालन करने को गंभीरता से ले रहा है और न ही महामहिम राज्यपाल के दिशा निर्देश पर कार्रवाई कर रहा है। निगम में अपने ही विभाग से वेतन पाने के लिए संतोष कुमार यादव को भटकना पड़ रहा है।

विभागीय कर्मचारी भी डरे हैं, मानते हैं हो रहा है गलत

यहीं नहीं, लखनऊ नगर निगम से मिली जानकारी के मुताबिक, 6 महीने से उप नगर आयुक्त संतोष यादव को बैठने के लिए कोई ऑफिस तक उपलब्ध नहीं करवाया गया। उन्हें परेशान करने के लिए आने-जाने के लिए सरकारी वाहन तक उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है, जबकि संतोष कुमार यादव क्लास वन अफसर हैं। विभागीय कर्मचारी और अधिकारी नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि उप नगर आयुक्त संतोष कुमार यादव से जूनियर अधिकारियों को गाड़ियां और वेल फर्निस्ड आफिस उपलब्ध करवाए गए हैं। लखनऊ नगर निगम के नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी पूरे मामले पर अपने ही एक अधिकारी को परेशान कर रहे हैं। नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी का रवैया बहुत ही गलत और पूरी तरह से जातिवादी है। उन्हें अपने ही एक अधिकारी को इस तरह से परेशान नहीं करना चाहिए। नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी से इस संबंध में बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन काट दिया। 

क्या कहते हैं संतोष यादव

नगर निगम के उप आयुक्त संतोष यादव का कहना है कि उन्हें वेतन न देकर परेशान किया जा रहा है, जिससे वह अधिकारियों और बाबुओं से उलझें। उन्हें विवाद करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। वह दो वर्ष से इसे बचा रहे हैं। कभी कभी तो असहज स्थिति भी पैदा कर दी जा रही है। 

कानपुर में ज्वाइंट सिक्रेटरी रहे संतोष यादव

उप नगर आयुक्त संतोष कुमार यादव इसके पहले कानपुर नगर प्राधिकरण में ज्वाइंट सिक्रेटरी भी रहे हैं। कानपुर नगर निगम में उप नगर आयुक्त और रामपुर नगर पालिका परिषद में अधिशाषी अधिकारी भी रहे हैं।

फोटोः फाइल।