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कोटेदार तिवारी कहते हैं, सुबह-सुबह दलितों का मुंह नहीं देखना चाहता हूं!

ग्राउंड रिपोर्टः अखिलेश कृष्ण मोहन

बस्ती. जिले के बनकटी ब्लाक में ग्राम पंचायत एक्मा का कोटेदार पति कृपा शंकर तिवारी दलितों को राशन लेने के लिए सुबह-सुबह न आने के लिए कहता है। कोटेदार पति कृपा शंकर तिवारी के बेटे शिव शंकर तिवारी का कहना है कि सुबह-सुबह दलित देखने से दिन खराब हो जाता है। तुम नींच लोगों का सुबह-सुबह मैं मुंह नहीं देखना चाहता हूं। इसके बाद जब गरीब दलित दोपहर बाद राशन लेने के लिए पहुंचते हैं तो कहता है कि राशन खत्म हो गया है।

शिकायत करने वाले ग्राम प्रधान खुद ही परेशान हैं। ग्राम प्रधान आरती देवी के पति हनुमान का कहना है कि गांव वालों को राशन नहीं मिल रहा है। इससे गरीब परेशान हैं। कोटेदार तिवारी के खिलाफ घटतौली को लेकर शिकायत की गई थी, इसकी जांच बस्ती जिले के नायब तहसीलदार ने की थी, जांच में दोषी भी पाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

जेल जा चुका है कोटेदार

यह भी बताया जा रहा है कि सप्लाई इंस्पेक्टर पंकज शाही से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोटेदार पत्नी के साथ इसके पहले सरकारी राशन के ब्लैकमेल करने को लेकर जेल भी जा चुके हैं। स्थानीय लोगों में कोटेदार की मनमानी को लेकर भारी रोष है। ग्राम सभा की समिति में ग्राम प्रधान अध्यक्ष है, लेकिन कोटेदार तिवारी बिना हस्ताक्षर करवाए ही राशन का उठान करवा देते हैं। इसकी शिकायत अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के चेयरमैन डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल से की गई है। राज्यमंत्री डॉ. निर्मल ने सप्लाई इंस्पेकटर से पूरे मामले को गंभीरता से देखने के निर्देश दिए हैं।

इस गांव में 50 फीसदी अनुसूचित जाति के लोग रहते हैं। ग्राम प्रधान दलित होने के बाद भी गरीबों को राशन दिलवाने में असमर्थ हैं। शिकायतकर्ता आरती देवी का कहना है कि 1995 से कोटा तिवारी के ही पास है। दबंगई और अपनी पहुंच के चलते मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री होने के समय से ही यह कोटेदार बना हुआ है।

फोटोः फाइल।

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