पहली बार जानिए पूरा सच… क्यों हुआ सपा में महाभारत

लखनऊ ।। भले ही समाजवादी पार्टी में मचे घमासान को कुछ लोग स्क्रिप्टेड कह रहे हैं और कुछ लोग इसे संयोग मान रहे हैं, लेकिन दैनिक दुनिया डॉट काम के मुताबिक यह मामला बहुत छोटा था, जिसे खींचकर बहुत बड़ा सिर्फ एक वजह से बना दिया गया। इसे आपकी अदालत में मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया यह वीडियो देखकर भी जान सकते हैं।

हकीकत तो यह थी कि मसला केवल टिकट बंटवारे का था। अखिलेश यादव केवल टिकट बंटवारे का पॉवर शिवपाल यादव से लेना चाहते थे। वह चाहते थे कि टिकट वह ही बांटें, क्योंकि मुख्यमंत्री वह ही रहे हैं। ऐसे में अग्नि परीक्षा उनकी ही हो रही है। बाकी शिवपाल यादव प्रदेश अध्यक्ष भी बने रहें और वह अपने सभी विभाग भी ले लें, लेकिन शिवपाल यादव को यह मंजूर नहीं था। शिवपाल इसे अपनी तौहीनी समझ रहे थे।

जानकारी के मुताबिक, पहली बार जब शिवपाल यादव से अखिलेश ने विभाग ले लिए थे, इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि कुछ गलत हो गया। इसे देखते हुए उन्होंने उनके कुछ विभाग वापस तो किए, लेकिन वह चाह रहे थे शिवपाल यादव टिकट बंटवारे में हस्तक्षेप न करें। उन्होंने शिवपाल यादव को कंट्रोल में रखने के लिए पीडब्ल्यूडी जैसे विभाग नहीं दिए थे। इसके बाद भी शिवपाल यादव नहीं माने, वह नेताजी से मिलकर टिकट फाइनल कर लिस्ट जारी करने लगे थे। शिवपाल यादव का यह करना अखिलेश को नागवार लगा और दोबारा उन्होंने शिवपाल यादव को बर्खास्त कर दिया था। सूत्र बताते हैं कि कौमी एकता दल को लेकर भी शिवपाल यादव ने मुख्यमंत्री को असहज कर दिया था।

शिवपाल की बर्खास्तगी से लेकर पूरे आयोग के फैसले तक केवल एक मुद्दा ऐसा था, जिसकी वजह से यह पूरा महाभारत हुआ। वह था कि टिकट कौन बांटेगा। मुख्यमंत्री यह काम अपने हाथ से करना चाहते थे और शिवपाल अपने हाथ से।

इसे मुख्यमंत्री ने इंडिया टीवी के एक कार्यक्रम में कह भी दिया था। आप इसे वीडियो में 27 घंटे 40 मिनट पर यह देख भी सकते हैं।

वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करिए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा है, ‘आप पद भी ले लो, मैं आपके विभाग भी वापस कर रहा हूं, लेकिन कम से कम टिकट बांटने का हक मुझे मिले।’ केवल टिकट बांटने के हक को लेकर समाजवादी पार्टी चुनाव आयोग तक पहुंच गई।

फोटोः फाइल।

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