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योगी सरकार को बदनाम कर रहे थानेदार विनय प्रकाश सिंह ने बनाया फर्जी केस !

 फोटोः विनय प्रकाश सिंह, थानेदार सिकरारा, जौनपुर

लखनऊ. जौनपुर सिकरारा के थानेदार विनय प्रकाश सिंह पर मछलीशहर के ही एक परिवार को बार-बार फर्जी केस में फंसाकर प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप है। इसकी शिकायत, प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक के यहां की गई है। मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा भी पीड़ित खटखटा सकते हैं, क्योंकि जिस व्यक्ति के परिवार को विनय प्रकाश सिंह परेशान कर रहे हैं और रात में उसके पिता को उठाकर थाने ले जा रहे हैं, वह भाजपा के ही एक मंत्री का मीडिया प्रभारी है।

बताया जा रहा है कि सिकरारा थाने के थानेदार विनय प्रकाश सिंह की तैनाती बसपा के एक बड़े नेता की पैरवी पर की गई है। इस बसपा नेता का घर जिस गांव में है। यह गांव सिकरारा थाने में आता है। यही वजह बताई जा रही है कि यह नेता सिकरारा थाने में अपने मनपसंद का ही थानेदार रखवाते हैं और अपना काम करवाते हैं। वसूली करवाते हैं और महीना वसूला जाता है। यह भी कहा जा रहा है कि सिकरारा का यह थानेदार बलिया के एक दूसरे बसपा नेता के गांव का रहने वाला है। इस थानेदार की तैनाती में इस नेता का भी हाथ है, क्योंकि बसपा के इस दबंग नेता के गांव का ही रहने वाला है सिकरारा का थानेदार विनय प्रकाश सिंह। दोनों ही बसपा नेता सिरकरारा के थानेदार विनय प्रकाश सिंह को बचाने के लिए काम करते हैं और यह दबंग थानेदार मनमानी तरीके से लोगों पर कार्रवाई करता है।

मामले को बदलने और लोगों को परेशान करने में माहिर है सिकरारा का थानेदार विनय प्रकाश सिंह

दैनिक जागरण से मिली जानकारी के मुताबिक, डमरुआ गांव निवासी डाककर्मी छोटेलाल तिवारी से लूट नहीं, बल्कि पैसे के लेनदेन को लेकर मारपीट हुआ था। बुधवार की देर रात तक लूट का आरोप लगाने वाले डाककर्मी नें खुद थाने पर मारने पीटने व कागजात छींनने का प्रयास की तहरीर दिया है। घटना के बाद मौके पर व गांव में जांच करने पहुंची पुलिस का भी यही कहना है कि बुलेट गाड़ी खरीदने के बाद पैसों के लेन- देन के विवाद को लेकर मारपीट हुई है।

प्रधान डाकघर में तैनात डमरुआ गांव निवासी छोटेलाल तिवारी में देर रात पुलिस को तहरीर दिया था। तहरीर की माने तो बुधवार की देर शाम वे ड्यूटी करने के बाद बुलेट से घर जा रहे थे कि रास्ते मे आनापुर मोड़ व मनिकापुर गांव के बीच मे पांच से छह लोग घात लगाकर बैठे थे। अचानक उन लोगों ने उनपर लाठी डंडे व सरिया से हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए। तहरीर में आरोप लगाया कि उन लोगों ने विभागीय कागजात, पैसा व रिवाल्वर छीनना चाहते थे। मैं किसी प्रकार वहां से भागकर अस्पताल गया। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक विनय प्रकाश सिंह ने तुरंत ही फोर्स के साथ मौके व गांव में जाकर लोगों मामले की जांच किया। उन्होंने बताया कि बुलेट खरीद में पैसे के लेन-देन को लेकर दोनों का विवाद चल रहा था। उसी को लेकर मारपीट हुई हैं। तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

विनय प्रकाश सिंह ने मामले को बदलते हुए तहरीर में जिस व्यक्ति का नाम नहीं था, उसे भी घर से रात में घर से उठाने लगे। जब उस व्यक्ति के पिता ने उसे लखनऊ होने की बात कही तो थानेदार लुंगी और बनियान में ही उक्त दलित व्यक्ति को भी गालियां देते हुए गाड़ी में बैठा लिया। थानेदार विनय प्रकाश सिंह रात भर सोते रहे और बेगुनाह थाने पर स्टूल पर बैठा रहा। थानेदार इस तरह की हरकत कई बेगुनाहों के साथ कर चुके हैं और बाद में कोई गलती न मिलने पर छोड़ देते हैं या समय के अनुसार अपना आदेश देते हैं। बताते हैं कि लखनऊ से पुलिस विभाग के तमाम अधिकारियों का फोन जाने के बाद जब विनय प्रकाश सिंह को लगा कि वह गलत कर रहे हैं, तो उन्होंने दोपहर बाद छोड़ दिया, लेकिन बताया जा रहा है कि विनय प्रकाश सिंह इस तरह की गतिविधियों में पहले से ही शामिल रहे हैं। फर्जी तहरीर दिलवाकर खुद ही केस दर्ज करने और कार्रवाई करने में माहिर विनय प्रकाश सिंह को लेकर कहा जा रहा है कि यह थानेदार योगी सरकार को ही बदनाम करवा रहा है।

स्थानीय लोगों द्वारा बताया जा रहा है पैसे के लेनदेन को विनय प्रकाश सिंह ने लूट का फर्जी मामला बनाकर मछलीशहर के एक व्यक्ति को देर रात उठा लिया था। मामले लेकर जब दबाव पड़ा तब उन्होंने छोड़ा। ऐसे सैकड़ों मामले सिकरारा थाने के बताए जा रहे हैं, जिसमें थानेदार विनय प्रकाश सिंह ने फर्जी केस दर्जवाकर लोगों को परेशान किया है। लोग अब आवाज भी उठाने लगे हैं। थाने के लोगों का यह भी कहना है कि थानेदार के डर से लोग परेशान हैं और योगी सरकार से ऐसे थानेदार को हटाए जाने की मांग करेंगे।