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20 मार्च को हर साल अपमान दिवस के रूप में क्यों मनाती है समाजवादी पार्टी

लखनऊ. समाजवादी पार्टी हर वर्ष 20 मार्च को अपमान दिवस के रूप में मनाती है। पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष लौटन राम निषाद ने इसे राजधानी लखनऊ में जोरशोर से मनाया। कार्यक्रम में सैकड़ों लोग शामिल हुए।

लौटन राम निषाद कहते हैं कि कालिदास मार्ग स्थित सीएम आवास का शुद्धिकरण 20 मार्च को योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद करवाया गया था। यह सभी दलितों और पिछडो़ं का आपमान है। लौटन राम निषाद ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का नहीं, बल्कि इसे सभी दलित और पिछड़ी जाति के नेताओं का अपमान बताया है। लौटनराम निषाद की अगुवाई में लखनऊ में सैकड़ों लोगों ने काली पट्टी बांधकर मार्च निकाला।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई। मार्च निकाल रहे लौटनराम निषाद कहते हैं कि सत्ता परिवर्तन के बाद 2017 में योगी आदित्यनाथ द्वारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 20 मार्च 2017 को 5 कालिदास मार्ग स्थित सीएम आवास का 9 दिनों तक शुद्धिकरण कराया गया, जिसे पिछड़े-दलित वर्ग का सामाजिक अपमान मानते हुए पिछड़े वर्ग के संगठनों ने काली पट्टी बांधकर दारूलशफा व 19 विक्रमादित्य मार्ग से हजरतगंज स्थित अम्बेडकर प्रतिमा तक प्रतिकार मार्च निकाला।

राष्ट्रीय निषाद संघ के राष्ट्रीय सचिव चौ. लौटनराम निषाद ने कहा कि 5 कालिदास मार्ग का शुद्धिकरण कराया जाना पिछड़ों-दलितों का सामाजिक अपमान है। जब सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव के साथ संघ व भाजपा के लोग अछूत जैसा सामाजिक दुव्यवहार कर सकते हैं, तो गाय भैंस, भेड़, बकरी चराने वाले, मछली मारने वाले, हज्जामी करने वाले, जूता पालिश करने वाले, खेत-खलिहानों में मेहनत करने वालो आदि के साथ कैसा व्यवहार करेंगे। जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी एवं सेन्सस-2021 में जातिगत आधार पर जनगणना कराने की मांग को लेकर भविष्य में जोरदार आंदोलन किया जायेगा।

राजेश कटियार व कृष्णा दास लोधी ने भाजपा द्वारा फूलन देवी के हत्यारे शेर सिंह राणा को क्षत्रिय कुल गौरव घोषित करना व भाजपा का स्टार प्रचारक बनाया जाना वर्ण व्यवस्था का जीवंत प्रमाण है। शिव कुमार यादव व राधा यादव ने कहा कि मण्डल विरोधी भाजपा व संघ कभी पिछड़ों, वंचितों के हितैषी नहीं हो सकते। वोट के लिए भाजपा पिछड़ों, दलितों को हिन्दू तो बताती है, पर सत्ता प्राप्ति के बाद दरकिनार कर दोयम दर्जे का बर्ताव करने लगती है।

विरोध प्रदर्शन में यशेन्द्र राजपूत, प्रवेश कुमार यादव, गोपाल दास लोधी, पंचम चैधरी, बीरपाल यादव, ज्ञानचन्द यादव, संतोष रायकवार, श्याम नरायण बिन्द, राहुल सिंह चैहान, प्रदीप कुमार, राजा पाल, मो0 रिज़वान, अविरल यादव, कृष्णा दास लोधी, राकेश कटियार, राकेश पाल, सुशीला राजभर आदि सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।