Friday, September 3, 2021

अपना दल की सांसद अनुप्रिया को मां ने किया बर्खास्त

anu11मां ने ही बेटी को दिखाया बाहर का रास्ता, पार्टी दो खेमों में बंटी

लखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन)।। अपना दल की मिर्जापुर सांसद अनुप्रिया पटेल को पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया है। पारिवारिक विवादों के चलते उनकी मां कृष्णा पटेल ने गुरुवार को अपनी ही बेटी को पार्टी से बेदखल कर दिया। उन्होंने अनुप्रिया पर साजिश रचने का आरोप लगाया है।

अपना दल में मां-बेटी के वर्चस्व की लड़ाई तेज होती जा रही है। गुरुवार को सांसद अनुप्रिया पटेल ने पार्टी दफ्तर को सील करवा दिया। इसके बाद बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल में पारिवारिक विवादों के चलते गुरुवार को मिर्जापुर से लोकसभा सांसद अनुप्रिया पटेल को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। अनुप्रिया की मां कृष्णा पटेल ने मीटिंग की और सांसद अनुप्रिया को पार्टी से निकाले जाने का एलान किया। इस फैसले के बाद अपना दल दो खेमे में बंट गया है। पार्टी के कई नेता कृष्णा तो कुछ नेता अनुप्रिया के साथ खड़े होते दिख रहे हैं।

अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने अनुप्रिया को पार्टी से निकालने की जो वजह बताई है वह आश्चर्यजनक है। उन्होंने बताया, ‘गुरुवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक लखनऊ के दारुलशफा में होनी थी। बैठक के लिए हॉल भी बुक किया गया था, जब पार्टी के सदस्य वहां पहुंचे तो दारुलशफा के व्यवस्थाधिकारी ने हॉल देने से मना कर दिया और कहा कि सांसद अनुप्रिया पटेल का पत्र आया है कि हॉल हमारे नाम से बुक करा दिया जाए। इस वजह से पार्टी की मासिक बैठक प्रभावित हुई है। इसके बाद पार्टी सदस्यों की सर्वसम्मति से अनुप्रिया पटेल को बर्खास्त कर दिया गया।’

अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने लिखित बयान जारी करके अपनी बेटी अनुप्रिया पटेल पर सियासी साजिश रचने का आरोप लगाया है। कृष्णा पटेल का कहना है कि साजिश के तहत पिछले साल को उनके और कार्यालय सचिव की अनुपस्थिति में लखनऊ कार्यालय में बैठक कर मेरे (राष्ट्रीय अध्यक्ष) के सभी अधिकार खुद प्राप्त कर लिए और मीडिया में उछाला गया कि वे ही दल में सर्वेसर्वा हैं और केन्द्रीय कार्यालय के अभिलेख में छेड़छाड़ की। इसके साथ अपना दल के प्रदेश अध्यक्ष छोटेलाल मौर्य, प्रदेश संगठन प्रमुख आनन्द हीरा राम सहित कई जिले के अध्यक्षों को पार्टी से असंवैधानिक तरीके से बाहर कर दिया और मीडिया के सामने पार्टी के संविधान की दुहाई दी।

कृष्णा पटेल ने आरोप लगाया है कि अनुप्रिया पटेल विधायक बनते ही अपना दल में तानाशाही भरा व्यवहार करने लगी थीं। वह अपने को राष्ट्रीय महासचिव की जगह प्रधान राष्ट्रीय महासचिव लिखने लगी थीं, जिससे दल में राष्ट्रीय महासचिव की तरह कार्य कर रहे अन्य पदाधिकारी अपने को असहज महसूस करने लगे थे। लेकिन बेटी होने के कारण मैं यह सब बर्दाश्त करती रही। अनुप्रिया की मां कृष्णा पटेल कहती हैं कि उपचुनाव में मेरे चुनाव को कमजोर करने के लिए इन्होंने बनारस के तीन वरिष्ठ जुझारू पदाधिकारियों को दल से निष्कासित कर मेरी उम्मीदवारी को कमजोर कर दिया, लेकिन जब पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं ने जाकर पूरे चुनाव की जिम्मेदारी संभाली तो अनुप्रिया पटेल और उनके पति आशीष कुमार सिंह ने असंवैधानिक तरीके से नई राष्ट्रीय कमेटी बनाकर उसे चुनाव की व्यवस्था की जिम्मेदारी देकर मेरे साथ भितरघात किया। उससे मेरे चुनाव पर बुरा असर पड़ा।11227582_994169083926715_2192003547936573459_n

मां कृष्णा पटेल और बेटी अनुप्रिया के बीच यह उठापटक तब शुरू हुई थी, जब कृष्णा पटेल ने अपनी बड़ी बेटी को पल्लवी पटेल को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया था। मां कृष्णा पटेल का कहना है कि छोटी बहन अनुप्रिया को यह बात खलने लगी थी। अपना दल की स्थापना कुर्मी समाज के बड़े नेता सोनेलाल पटेल ने की थी। सोनेलाल की पत्नी कृष्णा पटेल पार्टी की अध्यक्ष हैं। कृष्णा और उनकी बेटी अनुप्रिया के बीच पार्टी पर अपना वर्चस्व कायम करने को लेकर संघर्ष चल रहा है। पिछले साल अक्टूबर में कृष्णा ने अनुप्रिया पटेल को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के पद से हटा दिया था। अनुप्रिया ने अपनी मां के फैसले पर उंगली उठाते हुए तब कहा था कि यह फैसला असंवैधानिक है। अनुप्रिया सांसद होने से पहले वाराणसी की रोहनिया सीट से विधायक रह चुकी हैं।

मां-बेटी की यह सियासी लड़ाई महत्वाकांक्षाओं की देन है। मां कृष्णा पटेल का आरोप है कि बेटी अनुप्रिया पटेल और दामाद आशीष कुमार सिंह की महत्वाकांक्षाओं ने दल और परिवार को चौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया था। उन्होंने कहा कि अनुप्रिया की वजह से ही मैं 2012 का विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ पाई थी। जबकि लोकसभा में कार्यकर्ताओं की इच्छा को देखते हुए जब मैंने चुनाव लड़ने का मन बनाया तो अनुप्रिया जिद पर अड़ गई और विधायक रहते हुए उसने लोकसभा का चुनाव लड़ा। उसने धमकी दी थी कि यदि वह चुनाव नहीं लड़ी तो वह अपना दल का विलय भाजपा में कर देगी। जबकि उपचुनाव में वह अपने पति आशीष कुमार सिंह को चुनाव लड़ाना चाहती थी।

फोटोः अनुप्रिया पटेल, सांसद मिर्जापुर।