Sunday, September 5, 2021

आईपीएस अफसर और सरकार में ठनी, कैसे मिलेगा हक़

rsz_4rsz_amitabh_thakurआईपीएस पुलिस अफसर अमिताभ ठाकुर अपनी इस याचिका से सीधे सरकार के निशाने पर आ गए हैं। वर्तमान में 19 वीं बटालियन पीएसी झांसी में सेनानायक के तौर पर तैनात अमिताभ ठाकुर डीडीसी न्यूज़ नेटवर्क से कहते हैं कि सरकार की नोटिस का जवाब जरूर दिया जाएगा।

 

लखनऊ।।डीडीसी न्यूज़ नेटवर्क/अखिलेश कृष्ण मोहन।। पीआईएल डालना और जनता के हक़ की आवाज़ उठाना किसी अफसर या कर्मचारी को अनुशासन हीन कैसे बना सकता है ? क्या नौकरी करना अपने मूलभूत अधिकारों को ताक पर रखना और गुलामी की बेड़ियों में जकड़ जाना है ? अगर ऐसा नहीं है तो फिर यूपी सरकार कैसे बता रही है कि कर्मचारियों द्वारा जनहित याचिका दायर करना कर्तव्यहीनता और अनुसासनहीनता की श्रेणी में आता है ?

मामला यूपी आईपीएस पुलिस अफसर अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर की एक याचिका से जुड़ा हुआ है। मई 2013 में आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर ने उत्तर प्रदेश की विभिन्न जांच एजेंसियों (सतर्कता अधिष्ठान, सीबी-सीआईडी सहित।) द्वारा अपनी जांच पूरी करके शासन के पास अनुमति के लिए भेजे जाने और शासन की अनुमति के बाद ही अग्रिम कार्यवाही किए जाने को दंड प्रक्रिया संहिता के विरुद्ध बताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एक पीआईएल दायर किया था। हाईकोर्ट ने इस पीआईएल को संज्ञान लेते हुए शासन को जवाब देने को कहा था और प्रकरण अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन भी है। लेकिन इसी बीच सरकार ने याचिकाकर्ता अमिताभ ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है जिसमे कहा गया है कि उन्होंने पीआईएल दायर करके प्रदेश सरकार की आलोचना की है जो कर्तव्यहीन और अनुशासनहीन आचरण है ! आईपीएस पुलिस अफसर अमिताभ ठाकुर अपनी इस याचिका से सीधे सरकार के निशाने पर आ गए हैं। वर्तमान में 19 वीं बटालियन पीएसी झांसी में सेनानायक के तौर पर तैनात अमिताभ ठाकुर डीडीसी न्यूज़ नेटवर्क से कहते हैं कि सरकार की नोटिस का जवाब जरूर दिया जाएगा।  132_4610_01

सहयाची डॉ. नूतन ठाकुर ने इसे हाईकोर्ट की अवमानना और एक नागरिक को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित करने और उसे गलत का विरोध करने पर नाजायज़ तरीके से धमकी देना बताते हुए इसकी तीव्र भर्त्सना की है। नूतन ठाकुर ने ये भी कहा है कि अगर अफसर आम लोगों के अधिकारों के लिए नहीं लड़ेगा तो आम जनता अपने हक़ के लिए लड़ने का साहस कैसे कर पाएगी।

गौरतलब है कि डॉ. नूतन ठाकुर समाजसेविका और आम आदमी पार्टी की सदस्य भी हैं। लखनऊ में रहकर कई सालों से आम आदमी के हक़ की आवाज को उठाते हुए नूतन ठाकुर सौ से अधिक जनहित याचिका दायर कर चुकीं हैं । कोर्ट नूतन ठाकुर की सैकड़ों जनहित याचिकाओं पर कार्रवाई भी कर चुका है।     

 

 

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