Monday, September 6, 2021

इस कांड के 115 पीड़ितों को मिलेंगे पांच-पांच लाख रुपए

लखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन)।। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाशिमपुरा एवं मलियाना की घटनाओं में पीड़ित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यह जानकारी बुधवार को सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हाशिमपुरा, मेरठ की घटना के आरोपियों को दिल्ली के अधीनस्थ न्यायालय द्वारा बरी किए जाने के फैसले के विरुद्ध प्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय में अपील करने का निर्णय लिया है।

उल्लेखनीय है कि आशु मलिक के नेतृत्व में पीड़ित परिवारों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री से भेंट कर इंसाफ दिलाने की मांग की थी। इसको लेकर मुलायम ने भरोसा दिया था कि वह मामले की गंभीरता को समझते हैं और उचित कदम उठाएंगे साथ ही पीड़ितों को आर्थिक मदद भी देंगे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने मंगलवार को हाशिमपुरा (मेरठ) और मलियाना के फसाद पीड़ितों को सरकार से पांच लाख रूपए मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया था। यह भी भरोसा दिया था कि समाजवादी सरकार में पीड़ितों को पूरा न्याय मिलेगा। दिल्ली सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी। उन्होंने कहा था कि वे इंसानियत को सबसे बड़ा धर्म मानते हैं और किसी भी गरीब, पीड़ित और शोषित के साथ नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी।

मुलायम सिंह यादव से हाशिमपुरा और मलियाना के पीड़ित तथा जमीततुल उलमाये हिन्द के प्रदेश अध्यक्ष अशद रसीदी सहित सहारनपुर के मौलाना रियाज अहमद कांधला के मौलाना बद्र भी मिले और उन्होंने नेताजी का आभार जताया कि 28 साल से वे न्याय की भीख मांग रहे थे पर किसी ने उनका दर्द नहीं सुना। नेताजी ही गरीब मजलूमों की मदद के लिए जाने जाते हैं। उन्होने ही उनके जख्मों पर मरहम लगाया है। इस मौके पर राजनैतिक पेंशन मंत्री राजेंद्र चौधरी भी मौजूद थे। मुलायम सिंह यादव से प्रतिनिधि मण्डल ने मांग की कि हाशिमपुरा फसाद में 42 लोगों की मृत्यु हुई और पांच लोग घायल हुए। मलियाना फसाद में 73 लोग मरे। उक्त 115 मृतक परिवारों के आश्रितों को कम से कम पांच लाख रुपए मुआवजे के रूप में दिए जाएं। हाशिमपुरा फसाद में गठित जांच कमेटी ज्ञान प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और हाशिमपुरा फसाद मामले की अपील सरकार द्वारा पूरी निष्ठा से उच्च न्यायालय में की जाए।

फोटोः सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से उनके लखनऊ आवास पर मिलते हुए पीड़ित।