Monday, September 6, 2021

इस DM की पत्नी ने जीता किसानों का दिल, हो रहे हैं चर्चे

PREETIलखनऊ/झांसी (अखिलेश कृष्ण मोहन)।। किसानों की मदद के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाने वाली झांसी के जिलाधिकारी अनुराग यादव की पत्नी प्रीती चौधरी ने शनिवार को अपने अभियान को अंतिम रूप दिया। उन्‍होंने एकत्रित किए गए 33 लाख रुपए 33 किसानों के परिवारों को वितरित किए। यह राशि उन किसान के परिवारों को दी गई, जिन्होंने फसल बर्बादी और कर्ज के चलते आत्महत्या कर ली थी।

जिलाधिकारी की पत्नी प्रीती चौधरी ने यह मदद आकांक्षा समिति के माध्यम से की है। आत्महत्या करने वाले किसानों के परिजनों को यह राशि एफडी के रूप में दी गई है। इसका हर महीने किसानों के परिवारों को ब्याज भी मिलेगा। इसके साथ ही किसानों की पत्नियों को साड़ी भी भेंट की गई। इस अभियान की शुरुआत में जिलाधिकारी अनुराग यादव और प्रीती चौधरी ने स्वयं एक-एक लाख रुपए की धनराशि‍ किसानों के परिवारों को बांटी।दरअसल, बुंदेलखंड में ओलावृष्टि के बाद फसल बर्बाद होने से किसानों की मौतों ने हाहाकार मचा रखा था। फसल बर्बादी और कर्ज के कारण झांसी में 30 किसानों की मौत हो गई थी। इनमें से आधे से अधिक किसानों ने आत्महत्या की थी। किसानों पर इस मुसीबत के बीच झांसी के जिलाधिकारी अनुराग यादव की पत्नी प्रीती चौधरी ने किसानों के परिवारों की मदद के लिए अभियान चलाया था।

सोशल मीडि‍या से की शुरुआत

प्रीति ने सोशल मीडिया से इसकी शुरुआत की थी। लगभग एक महीने पहले उन्होंने फेसबुक और वाट्सएप पर लोगों से अपने अभियान के बारे में बताते हुए मदद के लिए रुपए एकत्रित करने की बात कही थी। इसके बाद उन्हें अच्छा सहयोग मिला और उन्होंने 33 लाख रुपए एकत्रित कर लिए। यह राशि उन्होंने उन परिवारों को बांटी, जिनके घर में किसान ने आत्महत्या कर ली थी।

विदेशों से भी लोगों ने की मदद

प्रीती चौधरी को झांसी और आसपास के लोगों से मदद के साथ-साथ कनाडा सहित अन्य देशों के लोगों से भी सहयोग मिला। एक महीने में इकट्ठा हुए इन रुपयों को वितरित करने के लिए शनिवार को विकास भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां लाभान्वित होने वाले परिवारों को बुलाया गया था। इसमें झांसी के सात, तहरौली के तीन, गरौठा के तीन, मोठ के नौ और मऊरानीपुर के दस परिवारों को एक-एक लाख की एफडी दी गई। प्रीती चौधरी ने कहा कि वह किसानों को सिर्फ संवेदना नहीं देना चाहती थीं मदद भी करना चाहती थीं। इसलिए कुछ ऐसा करने की सोची जिसके नतीजे सार्थक आएं।

अभियान की हो रही सराहना

जिलाधिकारी की पत्नी प्रीती चौधरी के इस अभियान की सराहना की जा रही है। समाजसेवी नीति शास्त्री ने कहा कि प्रीती चौधरी का यह कदम लोग मरते दम तक नही भूलेंगे। लोगों का कहना है कि इस तरह की पहल पूरे बुंदेलखंड के अधिकारियों द्वारा की जानी चाहिए। बुंदेलखंड में करीब तीन सौ किसानों की मौत हुई है। सरकारी मदद तो इन्हें मिल रही है, लेकिन बड़ी समस्या यह है कि सरकार इनमें से अधिकतर को आपदा की वजह से मौत नहीं मानती। जिलाधिकारी की पत्नी प्रीती चौधरी का अपने जिलाधिकारी पति अनुराग यादव से इसे लेकर द्वंद सामने आया था। इसके बाद ही प्रीती चौधरी ने किसानों के परिवारों की मदद करने को ठानी।

फाइल फोटोः अनुराग यादव की पत्नी प्रीती चौधरी।