Thursday, September 2, 2021

एन यादव में थी हर किसी को अपना बना लेने की कला

नहीं रहा गांव, किसानों की समस्याओं का कलमकार, हर दिन सुबह घर पर पहुंच रहे जानने वाले

लखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन)।। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार एन. यादव पत्रकार ही नहीं वह सामाजिक सरोकार के गुणों के धनी थे। वह हर किसी को अपना बना लेते थे। चाहे वह जूनियर हो या सीनियर उनके लिए कोई मायने नहीं रखता था। वह सभी को बराबर मानते थे। उनके निधन पर आज पत्रकारिता जगत उदास है।

लखनऊ प्रेस क्लब और एनेक्सी में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर एन यादव को याद किया गया। वहीं दूसरी ओर उनके परिजनों को 20 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले का प्रेस समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि यादव का कल ह्रदय गति रुक जाने से निधन हो गया था। स्वर्गीय यादव को श्रद्धांजलि देने के बाद हेमंत तिवारी के नेतृत्व में वरिष्ठ पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल से मिला और समिति की ओर से मुख्यमंत्री द्वारा दिवंगत पत्रकारों के परिजनों को बीस लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने संबंधी ज्ञापन सौंपा था, जिसे स्वीकर कर लिया गया। हेमंत तिवारी ने प्रदेश सरकार द्वारा स्वर्गीय यादव के परिजनों को आर्थिक सहायता के रूप में बीस लाख रुपये देने की घोषणा का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को धन्यवाद दिया है।

गौरतलब है कि हिन्दी दैनिक आज के ब्यूरो प्रमुख एन. यादव को एनेक्सी मीडिया सेंटर में शहर के पत्रकारों ने भावभीनी श्रधांजलि दी। एन. यादव का रविवार की सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।

श्रद्धांजलि सभा में उत्तर प्रदेश मान्यता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने एन. यादव को विपरीत परिस्थितियों में भी जुझारू तरीके से काम करने वाला पत्रकार बताया। तीन दशक पुराने रिश्तों का जिक्र करते हुए तिवारी ने कहा कि एन. यादव गंभीर प्रकृति के व्यक्ति थे। साथी पत्रकारों की समस्याओं को निबटाने के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहते थे।

वरिष्ठ पत्रकार शिव शंकर गोस्वामी ने बताया कि उनके एन. यादव से काफी पुराने रिश्ते थे। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय यादव रिश्तों को निभाने का हुनर जानते थे। वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार ने एन. यादव के साथ अपने आठ साल के रिश्तों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को एक दूसरे के परिवार की जानकारी भी रखनी चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर एक दूसरे की मदद की जा सके। वरिष्ठ पत्रकार सुरेश बहादुर सिंह ने कहा कि जब किसी साथी की मौत होती है, तो सभी साथी संवेदना के कारण तमाम बातें करते हैं, लेकिन कुछ ही दिन में उसे भूल जाते हैं। बेहतर हो कि हम जिस बात को तय करें उसे अंजाम तक पहुंचाएं।

मान्यता समिति के सचिव सिद्धार्थ कलहंस ने इस मौके पर कहा कि एन. यादव से 19 साल से रिश्ता था। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय यादव की विशेषता यह थी कि वह समस्याएं दूर करने की हमेशा कोशिश करते रहते थे। आज अखबार से सम्बद्ध सुरेश यादव ने स्वर्गीय यादव के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि एन. यादव अपने पिताजी कि पुण्यतिथि के कार्यक्रम की तैयारी में लगे थे। सुबह करीब साढ़े नौ बजे उनके सीने में दर्द उठा। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, वहां से उन्हें लारी कार्डियोलाजी रिफर कर दिया गया लेकिन वह लारी तक जिंदा नहीं पहुंच पाए और सिर्फ 57 बरस की उम्र में दुनिया से विदा हो गए।

आज के ही पत्रकार शिव शरण सिंह ने कहा कि एन. यादव की वजह से ही वह आज में आये थे। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय यादव अपने सहयोगियों का बहुत ख्याल रखते थे। शोक सभा में राजेश पाण्डेय, अमिता वर्मा, मुकुल मिश्रा, उत्कर्ष सिन्हा, राजेश मिश्र, आसिफ जाफरी, अखिलेश कृष्ण मोहन, राजबीर सिंह, दीपक गिडवानी, अभिषेक, अजय श्रीवास्तव, नवेद शिकोह, के. बख्श सिंह, अब्दुल वहीद, जुबैर अहमद सहित सौ से ज्यादा पत्रकार मौजूद थे। शोक सभा के बाद पत्रकारों ने दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय एन. यादव को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। 

फोटोः लखनऊ प्रेस क्लब में एन यादव जी को श्रद्धांजलि देते हुए पत्रकार सत्ता के पत्रकार अखिलेश कृष्ण मोहन।