Monday, September 6, 2021

गेंहूं खरीद में लापरवाही बर्दास्त नहीं-सीएम

rsz_20012-13_के_गेहूं_के_मूल्य_पर_समीक्षा_बैठकडीडीसी न्यूज़ नेटवर्क/अखिलेश कृष्ण मोहन।। लखनऊ।। यूपी में विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री को किसान और उनकी पैदावर याद आई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि गेहूं खरीद में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने किसानों को प्रत्येक दशा में न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2013-14 के लिए प्रदेश में गेहूं खरीद का कार्यकारी लक्ष्य 60 लाख मीट्रिक टन और क्रय केन्द्रों  की संख्या 6000 निर्धारित करने का भी आदेश दिया है। लेकिन अफसर सीएम के इस आदेश पर अमल करेंगे इसमें संदेह है।  

 अप्रैल महीने से शुरू हो रहे गेहूं खरीद को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव काफी सख्त नजर आए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों को प्रत्येक दशा में न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सम्बन्धित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।  मुख्यमंत्री ने शास्त्री भवन में प्रदेश में वर्ष 2013-14 की गेहूं खरीद की तैयारियों की समीक्षा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1350 रुपए प्रति कुन्तल प्रत्येक दशा में दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है। इसमें किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गेहूँ खरीद क्रय केन्द्रों को खोले जाने और उसे प्रभावी बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जाएगा।

 प्रदेश में गेहूँ भण्डारण की क्षमता पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे बढ़ाते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि गेहूं भण्डारण की उत्तम व्यवस्था हो। उन्होंने एजेन्सियों को सही तौल करने की हिदायत देते हुए कहा कि क्रय केन्द्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। किसानों का भुगतान समयबद्ध रूप से किया जाए, जिससे किसान क्रय केन्द्रों पर गेहूं लाने के लिए उत्सुक रहें। गेहूं रखने के लिए बोरियों की आ रही दिक्कत पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बोरों की कोई कमी न रहे। गेहूं खरीद केन्द्र इस प्रकार निर्धारित किए जाय कि किसानों को अपना गेहूं खरीद केन्द्रों तक ले जाने में कोई दिक्कत न हो। समस्त क्रय एजेन्सियां किसान के खाते में गेहूं के क्रय का सीधा भुगतान सुनिश्चित करें। क्रय केन्द्रों और क्रय संस्थाओं के पास पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध हो। प्रत्येक क्रय केन्द्र पर सही तौल के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटों की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं भण्डारण के लिए स्थान अभी से चिन्हित कर लिए जाएं जिससे कोई कोताही न हो।

लोक निर्माण, सिंचाई एवं सहकारिता मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि यह विशेष ध्यान रखा जाए कि किसानों से गेहूँ की खरीद में किसी भी दशा में बिचैलियों की भूमिका न हो। राज्य सरकार सदैव किसानों की हितैषी रही है, इसलिए किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलवाने के लिए प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि इस वर्ष गेहूं खरीद में बोरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई है। गेहूं क्रय केन्द्र का समय प्रातः 9 बजे से सायं 6 बजे तक रहेगा। क्रय केन्द्रों की व्यवस्था के अभिनव प्रयासों के तहत प्रत्येक 4 किलोमीटर के रेडियस अर्थात 8 किलोमीटर की दूरी पर न्यूनतम एक क्रय केन्द्र स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक क्रय केन्द्र पर बोरों का परमानेंट बफर स्टॉक रखा जाएगा, जो जिलाधिकारी की अनुमति से ही उपयोग किया जा सकेगा। पीसीएफ और यूपीएसएस द्वारा भी किसानों के भुगतान की यथासंभव व्यवस्था की जाएगी। गेहूँ के मूल्य का सीधा भुगतान कृषक के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से किया जाएगा। प्रत्येक क्रय केन्द्र पर मण्डी समिति द्वारा दो इलेक्ट्रॉनिक कांटों की व्यवस्था की जाएगी। जिलाधिकारियों द्वारा सप्ताह में दो बार निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट खाद्य आयुक्त को भेजी जाएगी इसके भी निर्देश बैठक में दिए गए।

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