Friday, September 3, 2021

थानों पर जन्‍माष्‍टमी अशुभ मानी जाती है

कुशीनगर। जन्‍माष्‍टमी ऐसा त्‍योहार है, जो महज मंदिरों में नहीं, जेल और थानों में भी धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन यूपी के ही एक इलाके के थानों पर जन्‍माष्‍टमी अशुभ मानी जाती है।

छिपा है एक गहरा दर्द

यूपी के कुशीनगर में थानों, जेल और यहां तक कि पुलिस लाइन में भी जन्‍माष्‍टमी नहीं मनाई जाती। इसके पीछे एक गहरा दर्द छुपा है, जो इस दिन यहां के पुलिसवालों के चेहरे पर साफ दिखता है। इस कहानी के केन्‍द्र में हैं सात पुलिसवालों की शहादत।

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जंगल पार्टी के डकैती का खौफ

90 में दशक में कुशीनगर में जंगल पार्टी के डकैतों का खौफ था। इसी दौर में देवरिया से अलग होकर कुशीनगर नया जिला बना था। बात सन् 94 की है। जिला बनने के बाद कुशीनगर की पडरौना कोतवाली में धूमधाम से जन्‍माष्‍टमी मनाई जा रही थी। इसी बीच पुलिस को कुबेरस्थान थाने के पचरुखिया घाट के पास जंगल पार्टी के आधा दर्जन डकैतों के ठहरने और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए योजना बनाने की सूचना मिली।

वो खौफनाक मंजर

कुबेरस्थान थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेन्द्र यादव, एनकाउंटर स्पेशलिस्ट तरयासुजान थाने के एसओ अनिल पाण्डेय आठ पुलिस के जवानों के साथ पचरुखिया घाट के लिए रवाना हो गए। उस समय घाट पर कोई पुल नहीं था। नदी पार करने के लिए नाव ही एक मात्र जरिया थी। पुलिस ने एक नाव की मदद से बांसी नदी को पार किया और डकैतों के छिपने की जगह पर पहुंची। डकैतों को उनके आने की भनक लग चुकी थी इसलिए वह सब भागकर नदी के किनारे छिप गए।

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याद आती है शहादत

तलाशी अभियान में कुछ हाथ न लगने पर पुलिस टीम नाव से लौटने लगी। नाव जैसे ही नदी की बीच धारा में पहुंची, डकैतों ने अंधाधुध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस बीच नाविक को गोली लगने से नाव बेकाबू होकर नदी में पलट गई। नाव पर सवार सभी 11 लोग नदी में डूबने लगे। इनमें से तीन पुलिसकर्मी तो तैर कर बाहर आ गए लेकिन दो इंस्पेक्टर, सहित पांच पुलिसकर्मी शहीद हो गए। नाविक की जान भी नहीं बच पाई।

कृष्ण को कैसे याद करें

हालांकि इसके बाद जंगल पार्टी के खिलाफ बड़े स्‍तर पर अभियान चलाया गया। जंगल पार्टी का सफाया कर दिया गया। हालांकि उस घटना को 21 साल बीत गए। बावजूद इसके पुलिस वाले जन्‍माष्‍टमी पर कृष्ण को याद नहीं करना चाहते। क्योंकि इसी के साथ उनको अपने साथियों के जाने का गम भी सताने लगता है।