Sunday, September 5, 2021

दिल्ली से गायब हो रही है ‘अन्ना लहर’

resizedimage (16)नई दिल्ली ।। दिल्ली में जंतर मंतर पर अनशन से शुरू हुई ‘अन्ना लहर’ अब दिल्ली में गायब होती नजर आ रही है। टीम अन्ना बिखर गई है और दिल्ली में बड़े जोर-शोर से खोला गया ऑफिस बंद हो गया है। उस ऑफिस के लिए मकान मालिक अब नए किराएदार की तलाश कर रहे हैं। टीम अन्ना बनने के बाद पहला बड़ा कार्यक्रम 30 जनवरी को पटना में होना है, लेकिन इसमें भी कॉर्डिनेशन कमिटी के कई मेंबर नदारद रहेंगे। अन्ना हजारे इस दिन अपने आंदोलन के लिए नए नाम का ऐलान कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक यह नाम ‘जनतंत्र मोर्चा’ हो सकता है, हालांकि अभी इस पर फैसला नहीं हुआ है।

अरविंद केजरीवाल और अन्ना हजारे के अलग होने के बाद जब अन्ना की कॉर्डिनेशन टीम का ऐलान किया गया था तो 30 जनवरी को पटना में रैली करने का भी ऐलान हुआ था। लेकिन दो महीने के भीतर ही टीम के सदस्यों में इतने मतभेद हुए कि टीम के कई मेंबर इस रैली में जा ही नहीं रहे हैं। दिल्ली से भी गिने-चुने कार्यकर्ता जा रहे हैं। टीम अन्ना के एक मेंबर ने कहा कि यह तक साफ नहीं है कि यह रैली किसकी है और कौन इसे करवा रहा है। यह जनरल वी. के. सिंह की प्रायोजित रैली है या फिर उनके करीबी बिजनेसमैन इसकी फंडिंग कर रहे हैं। पहले पटना प्रशासन भी रैली के लिए सहयोग नहीं कर रहा था, अब वहां के सीएम खुद इसमें रुचि ले रहे हैं। इस रैली में इंडिया अगेंस्ट करप्शन के नाम का भी इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।

अन्ना टीम के मेंबर अरविंद गौड़ ने कहा कि जब आंदोलन आम जनता से कट जाता है, तो वॉलंटियर्स का दूर होना स्वाभाविक है। अन्ना के इर्द-गिर्द कुछ ऐसे लोग नजर आ रहे हैं जिससे आंदोलन को धक्का पहुंचा है और वॉलंटियर्स भी भ्रमित हैं।

टीम अन्ना का दिल्ली ऑफिस लगभग बंद हो गया है। 30 जनवरी को ही यह ऑफिस खाली होना है। सर्वोदय एन्क्लेव में जहां यह ऑफिस खुला था, उसके मकान मालिक महेश शर्मा ने कहा कि हम नए किराएदार की तलाश कर रहे हैं। ऑफिस का कॉन्ट्रैक्ट भ्रष्टाचार विरोधी जनआंदोलन (रालेगण सिद्धि) के श्याम सुंदर के नाम से है। किरन बेदी इसमें विटनेस थीं। उन्होंने हमसे कहा कि 1 लाख रुपये सिक्युरिटी मनी में से 50 हजार रुपये इस महीने का किराया काट कर बाकी के 50 हजार का चेक बना कर उन्हें दे दें। हम कंफ्यूजन में हैं क्योंकि कॉन्ट्रैक्ट किसी और के नाम से है।

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