Friday, August 27, 2021

प्रदेश की तीन बड़ी योजनाएं ठप, सीएम ने नहीं दिए बजट

rsz_satraलखनऊ।। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2014-15 का बजट पेश किया। बजट में इस बार राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही तीन बहुचर्चित योजनाओं- लैपटॉप वितरण योजना, बेरोजगारी भत्ता योजना और कन्या विद्या धन के लिए धन आवंटित नहीं किया गया है। इस तरह से सरकार ने अब इन तीनों योजनाओं को बंद कर दिया है।

लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की करारी हार के बाद प्रदेश सरकार ने लैपटॉप वितरण योजना बंद करने के संकेत दिए थे। प्रदेश के भूतत्व एवं खनिकर्म मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने कहा था कि उनकी व्यक्तिगत राय में लैपटॉप और बेरोजगारी भत्ता जैसी योजनाओं को बंद कर देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सदन के भीतर 2,74,704.59 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। उत्तर प्रदेश का यह बजट पिछले आठ सालों में सबसे बड़ा बजट है। इस साल के बजट का आकार पिछले साल की तुलना में 22 फीसदी बड़ा है।

इससे पहले विधानसभा की कार्यवाही जैसे ही 12:20 मिनट पर शुरू हुई, बीजेपी के मेंबर मुख्यमंत्री के बजट भाषण का विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट कर गए।

अखिलेश यादव ने लखनऊ में कैंसर इंस्टिट्यूट के लिए 78 करोड़ रुपए का प्रावधान किया। उत्तर प्रदेश सरकार इटावा, लखनऊ, वाराणसी और कानपुर में डेयरी प्लांट्स भी लगाएगी। अखिलेश यादव ने प्राइमरी एजुकेशन के लिए 29,380 करोड़ रुपए दिए। लॉ ऐंड ऑर्डर के मामले में आलोचना झेल रही सरकार ने पुलिस को आधुनिक बनाने के लिए 725 करोड़ रुपए दिए। राज्य में सिंचाई व्यवस्था के लिए 7,587 करोड़ रुपए दिए गए।

2424 करोड़ रुपए समाजवादी पेंशन योजना के लिए दिए गए, जिससे 40 लाख परिवारों को फायदा पहुंचेगा। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे प्रॉजेक्ट के लिए 3820 करोड़ रुपए दिए गए। राज्य में सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए 15000 करोड़ रुपए दिए गए। को-ऑपरेटिव चीनी मिलों के लिए 400 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया।

पावर सेक्टर के लिए सरकार ने 24,000 करोड़ रुपए दिए। लोहिया ग्राम योजना के लिए 1500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में तीन नए सैनिक स्कूल खोलने का भी ऐलान किया।

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