Friday, August 27, 2021

बजट पेश, विपक्ष ने किया वाकऑउट

resizedimage (34)लखनऊ।।(अखिलेश कृष्ण मोहन)।। यूपी सरकार 2 लाख 21 हजार करोड़ के बजट को लेकर जहां बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं विपक्ष ने बजट का ही बहिष्कार किया है। बीजेपी सरकारी दावों को कागजी बताया है वहीं कांग्रेस प्रदेश सरकार पर केंद्र के बजट को अपने नाम करने का आरोप लगा रही है।

 

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बजट पेश करने को लेकर जिस तरह के हंगामे के आसार थे उससे भी आगे बढ़कर बीएसपी ने सदन का ही बहिष्कार कर दिया। इसे आगामी लोकसभा  चुनाव को लेकर लोकलुभावन घोषणा कहें या विकास को दिखाने की रणनीति बजट बीते सत्र से 10 फीसदी अधिक दिया गया। असली मुद्दा तो ये है कि सरकार कह रही है कि बजट का सद्उपयोग होगा लेकिन विपक्ष सवाल उठा रहा कि जब पैसा खर्च ही नहीं हुआ तो नया बजट कैसा। सरकार सड़क, यातायात ही नहीं बल्कि उर्जा से लेकर पुलिस के आधुनिकीकरण के भरपूर बजट का दावा कर रही है। तभी तो पूर्वांचल में सड़क और यातायात के लिए जहां 291 करोड़ रुपए दिए गए, वहीं बुंदेलखंड में सड़क और यातायात को दुरुस्त करने के लिए 109 करोड़ का पैकेज दिया गया है। प्रदेश को जगमग करने के लिए सरकार ने उर्जा सेक्टर की मजबूती के लिए पिछली बार से 24 फीसदी अधिक बजट दिया है। गन्ना किसानों के बकाए के भुगतान को लेकर सरकार भले ही 400 करोड़ के बजट का दावा कर रही है लेकिन कांग्रेसी नेता सरकार के बजट को केंद्र सरकार के पैसों को हड़पने का आरोप लगा रहे हैं।

बीजेपी नेता भी सरकार के बजट से खुश नहीं हैं। सरकार के बजट को ढ़कोसला बताते हुए हुकुम सिंह ने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं के आकड़े देकर अपनी जिम्मेदारी को पूरा करना चाहती है, सरकारी बजट का पैसा जिलों तक पहुंचा ही नहीं है लेकिन सरकार विकास का दावा कर रही है। जनता के पैसों को लेकर हो रहे हो हल्ले की हकीकत तो सभी जानते हैं लेकिन अब सरकार को आने वाले एक साल में बजट को खर्च कर पाना ही नहीं बल्कि घोटालों और घपलों से बचना भी एक चुनौती होगी क्यों कि जो पैसा दो साल में खर्च होना चाहिए था उसे एक साल में खर्च करने के लिए अब सरकार को मजबूर होना पड़ेगा, क्यों कि प्रदेश सरकार के लिए बजट का न खर्च हो पाना आगे भी भारी पड़ सकता है। विपक्ष ही नहीं जनता भी सवाल कर सकती है और सरकार को जवाब देना ही पड़ेगा। (डीडीसी न्यूज़ नेटवर्क)

 

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