Friday, September 3, 2021

बीजेपी और कांग्रेस नेता आपस में भिड़े

resizedimage (2)डीडीसी न्यूज़ नेटवर्क।। कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन करने जा रहे भाजयुमो के नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस को पानी की बैछारे और डंडे भी भांजने पड़े। सुबह 9 बजे कांग्रेस कार्यालय पर भाजयुमो कार्यकर्ता राहुल गांधी का पुतला फूंक रहे थे तभी पुलिस एवं कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मिलकर भाजयुमो कार्यकर्ताओं पर लाठी, डंन्डे और पत्थर बरसाये जिसके विरोध में जब भाजयुमो कार्यकर्ता दोपहर में कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने निकले तो उन्हें बापू भवन के पास रोक लिया गया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर सभी कार्यकर्ता धरने पर बैठे गये तो पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए लाठी चार्ज, हवाई फायर, ठंडे पानी बौछारें चलायी जिसमें सैकड़ो कार्यकर्ता घायल हुए एवं सैकड़ों लोगो को गिरफ्तार कर लिया गया।resizedimage (3)

क्या है पूरा मामला

आदर्श घोटाले में आरोपी वीरभद्र सिंह के भ्रष्टाचार के मामले में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भाजयुमो लखनऊ विधानसभा पर जमकर प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय महामंत्री राहुल कोठारी और भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष राय के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी द्वारा दोहरी बात करने के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने रिश्वतखोरी के आरोपों में घिरे हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से त्यागपत्र देने की मांग की है। हाथों में तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने वीरभद्र सिंह द्वारा तुरन्त इस्तीफा दिए जाने की मांग को लेकर नारे लगाये जो अपनी सांसद पत्नी के साथ रिश्वतखोरी के एक और गम्भीर आरोप में शामिल हैं। भाजयुमो के हजारों कार्यकर्ताओं ने वीरभद्र सिंह के त्यागपत्र की मांग की और राहुल कोठारी ने कहा कि एक ओर राहुल गांधी और उनकी पार्टी लोकपाल विधेयक को पारित कराने का श्रेय लेने का दावा करती है जबकि दूसरी ओर वे हिमाचल प्रदेश के एक भ्रष्ट मुख्यमंत्री को बनाये हुए हैं।

ऐसा पहली बार नहीं है कि वीरभद्र सिंह भ्रष्टाचार के मामले में शामिल हैं, बीजेपी नेताओं की माने तो वास्तव में सीबीआई को भ्रष्टाचार के एक दूसरे मामले में फरवरी 2014 तक दिल्ली उच्च न्यायालय में एक यथास्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। बीजेपी नेताओं ने इस बात को जोरदार तरीके से कहा, कांग्रेस भ्रष्टाचार के इतने साफ एवं स्पष्ट मामले मे कोई विश्वसनीय कार्यवाही किये बिना संसद में लोकपाल विधेयक पारित कराने का श्रेय नहीं ले सकती। वास्तव में प्रधानमंत्री को भेजे गये दस्तावेजों के अनुसार इस मामले की किसी प्रकार की जांच किये जाने की भी आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री को तुरन्त त्याग पत्र देना चाहिये।’’उन्होंने यह भी मांग की कि उनकी सांसद पत्नी श्रीमती प्रतिभा सिंह को भी त्यागपत्र देना चािहये, क्योंकि उन्होंने भी एक निवेशक वकमुल्ला चन्द्र शेखर से करोड़ों रूपये लिये और उनकी एक अन्य कम्पनी के शेयर भी खरीदे। यह भी आरोप है कि वीरभद्र सिंह के पुत्र, जो हिमाचल प्रदेश में युवा कांग्रेस के प्रमुख हैं, ने भी उसी व्यक्ति से करोड़ों रूपये लिए हैं। इसी प्रकार प्रतिभा सिंह ने भी इस कम्पनी में अपने 34 लाख शेयरों का अपने हलफनामें में कोई उल्लेख नहीं किया जबकि उन्होंने किसी अन्य गैर-सूचित कम्पनी में 2110 शेयरों का उल्लेख किया था। उनके दोनों बच्चों से भी इसी व्यक्ति, जिसकी वीरभद्र ने तरफदारी की थी, द्वारा स्थापित उसी कम्पनी के 3.4 लाख और 3 लाख शेयर हैं। 

 

 

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