Thursday, September 2, 2021

मंत्री पान वाले को भी बना सकते हैं सेक्रटरी

7नई दिल्ली।। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई मंत्री चाहे तो किसी पान वाले को भी अपना सेक्रटरी नियुक्त कर सकता है। कोर्ट ने साथ ही एनडीए सरकार के मंत्रियों द्वारा सेक्रेटरीज की नियुक्ति से जुड़े सरकार के मेमोरेंडमको चुनौती देने वाली याचिका को जनहित याचिका मानने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 18 नवंबर को तय की है।

बेंच ने मंगलवार को कहा, ‘कोई मंत्री किसी पान वाले को भी अपना सेक्रटरी अपॉइन्ट कर सकता है। यह कोई ऐसा पद नहीं है जिसका विज्ञापन दिया जाता है। ऐसा भी हो सकता है कि वह (मंत्री) किसी को भी सेक्रटरी न रखे।’

कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कोई सार्वजनिक नुकसान नहीं हुआ, इसलिए इसे जनहित याचिका नहीं माना जा सकता है। यह सर्विस का मामला है। पहली नजर में यह सर्विस मैटर है और इस तरह यह कैट के तहत कवर होता है। अगर किसी को परेशानी है, तो वह कैट का दरवाजा खटखटा सकता है।’

नरेंद्र मोदी सरकार ने 19 जून को एक मेमोरेंडम जारी किया कि पिछले 10 साल से किसी केंद्रीय मंत्री के निजी कर्मचारी के तौर पर जुड़े रहे किसी भी व्यक्ति को केंद्र सरकार का मंत्री नियुक्त न करें। बाद में डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ऐंड ट्रेनिंग (डीओपीटी) ने सफाई दी कि यह ओएसडी और सेक्रेटरीज पर लागू होगा न कि जूनियर कर्मचारियों पर।

जस्टिस बीडी. अहमद और जस्टिस एस. मृदुल की बेंच ने एनजीओ वॉइस ऑफ ह्यूमन राइट्स ऐंड जस्टिस की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।