Sunday, September 5, 2021

महाकुंभ की वजह से कहां बंद हुई फैक्ट्री ?

kumbh-mela-file-photo_2013कानपुर।। कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को स्नान के लिए गंगा का साफ पानी मुहैया कराने के उद्देश्य से प्रशासन ने कानपुर शहर और उसके आसपास के इलाके के चमड़ा कारखाने बंद करवा दिए थे, लेकिन इससे टेनरी मालिक, चमड़ा व्यापारी और मजदूर खासे परेशान हैं। एक अनुमान के अनुसार इस बंदी से चमड़ा उद्योग को कई हजार करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ सकता है। चर्म निर्यात परिषद के चेयरमैन आर. के. जालान का कहना है कि इलाहाबाद में महाकुंभ के दौरान गंगा के पानी को साफ रखने के इरादे से 400 से अधिक टेनरियों को पहले चरण में 10 जनवरी 2013 से 11 फरवरी 2013 तक बंद करने का आदेश दिया गया है। इससे सैकड़ों मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। टेनरी मालिकों को करीब 1000 करोड़ रुपए का नुकसान का अनुमान है।
जालान ने शुक्रवार को बताया कि महाकुंभ 10 मार्च तक चलेगा, लिहाजा चमड़ा इकाइयां भी 11 मार्च से पहले नहीं खुल पाएंगी। ऐसे में इन्हें होने वाले भारी घाटे का अनुमान लगाया जा सकता है। तीन दर्जन से अधिक टेनरियों को यूरोप, अमेरिका, अफ्रीकी देशों और दक्षिण अमेरिका सहित विभिन्न देशों से मिले बड़े ऑर्डर कैंसल करने पड़े हैं। सुपर टेनरी के निदेशक इमरान सिद्दिकी कहते हैं, ‘महाकुंभ श्रद्धा और आस्था से जुड़ महापर्व है और मेले का सम्मान करते हुए हमने अपनी चमड़ा इकाइयां बंद कर दी हैं, लेकिन हम अपने मजदूरों के बेरोजगार होने से चिंतित हैं और इस अवधि में होने वाले नुकसान का हमारे व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।’

 

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