Friday, September 3, 2021

महिलाओं पर हमले को लेकर सोनिया ने क्या कहा ?

resizedimageqqqमहिलाओं पर अत्याचार को सामूहिक अंतरात्मा का कलंक बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज इस बात पर पीड़ा जाहिर की कि देश में बच्चियों के प्रति भेदभाव अभी भी जारी है। कांग्रेस के दो दिवसीय चिन्तन शिविर में सोनिया ने इस बात पर दु:ख और पीड़ा जाहिर की कि देश में बच्चियों के प्रति भेदभाव अभी भी जारी है। उन्होंने कहा, शहरों और गांवों में महिलाओं पर अत्याचार बहुत शर्मनाक और हमारी सामूहिक अंतरात्मा पर कलंक के समान है।’’ उन्होंने कहा कि विधवाओं से पेश आने का हमारा तरीका, आर्थिक रूप से बेहतर इलाकों में कन्या भ्रूण हत्या, महिलाओं और बच्चों की खरीद फरोख्त और बेखौफ यौन हिंसा जैसे विचलित करने वाले रवैये के खिलाफ समाज को झकझोरने और आंखें खोलने की सख्त जरूरत है। दिल्ली में पिछले दिनों चलती बस में एक युवती के साथ हुए सामूहिक बलात्कार की शर्मनाक घटना और उसके बाद देश भर में आये दिन होने वाली बलात्कार की घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में कांग्रेस अध्यक्ष की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति ये सभी मुद्दे बुनियादी हैं और हम सभी को इनकी चिन्ता होनी चाहिए। केवल महिला कांग्रेस या महिला संस्थाओं के आगे आने से बात नहीं बनेगी, बल्कि पूरी पार्टी को ये समझना चाहिए कि हमको इसे अपनी राजनीतिक सोच का केन्द्र बनाना होगा और समाज की मानसिकता को बदलना होगा।

सोनिया गांधी ने देश में पिछले एक दशक में तेज आर्थिक विकास की सराहना की, लेकिन यह भी कहा कि इस दौरान आर्थिक क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियों के बावजूद देश के कई हिस्सों को पिछड़ेपन से अभी भी छुटकारा नहीं मिला है। कांग्रेस के दो दिवसीय चिन्तन शिविर में सोनिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में 2004 से संप्रग सरकार ने कई क्रान्तिकारी कार्यक्रम लागू किये हैं लेकिन कई राज्यों में हम इन सफलताओं को अपने राजनीतिक समर्थन में नहीं बदल पाये हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि इस शिविर में इस मुद्दे पर चर्चा होगी और ठोस सुझाव सामने आएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले एक दशक में आर्थिक विकास की गति प्रभावशाली रही है। इससे गरीबी कम करने में भारी कामयाबी मिली है, लेकिन गरीबी और गैर बराबरी के खिलाफ हमारा संघर्ष लगातार चलने वाला है इसलिए ये आवश्यक है कि हमारे गरीबी खत्म करने के कार्यक्रम लगातार जारी रहें। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में कामयाबी की एक के बाद एक कहानियां हैं। जहां ये सच है कि उपलब्धियों के दायरे का विस्तार हुआ है वहीं अभी भी हमारे देश के कई हिस्सों को पिछड़ेपन से छुटकारा नहीं मिला है।

सोनिया ने कहा कि ये भी सच है कि केन्द्र सरकार भारी आर्थिक सहायता राज्यों को भेजती है लेकिन उसका असर इस पर निर्भर करता है कि उसका उपयोग स्थानीय स्तर पर कितना होता है। ये कमी अकसर दिखाई देती है। इसे किस तरह दुरुस्त किया जाए। इस काम में पार्टी को सबसे आगे रहना है। उन्होंने कहा कि करीब एक करोड़ युवा हर साल रोजगार की तलाश में रहते हैं। महात्मा गांधी नरेगा योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी उपयोगिता दिखायी है लेकिन हमें शहरों और कस्बों में कौशल से जुड़े रोजगार के साधन खासतौर से पैदा करने होंगे। इसके लिए वास्तविकता के आधार पर पूंजी निवेश की जरूरत है, क्योंकि तभी ये लक्ष्य हासिल किये जा सकते हैं। सोनिया गांधी ने कहा कि बेरोजगारी न सिर्फ हताशा अपराध और हिंसा को जन्म देती है बल्कि महत्वाकांक्षाओं का भी गला घोंटती है।

 

Leave a Reply