Saturday, September 4, 2021

मुलायम ने कहा- राजनीति को भी दिशा देता है मीडिया

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लखनऊ. बदलते दौर में सोशल मीडिया की प्रासंगिकता बढ़ रही है। आज के दौर में इसे नजरअंदाज कर न तो राजनीति संभव है और न ही सरकार चलाना। पूर्व रक्षा मंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने यह विचार इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्लूजे) की ओर से ”सोशल मीडिया-वरदान या अभिशाप” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद में व्यक्त किए।

राजनीति के शुरुआती दिनों को याद करते हुए मुलायम सिंह ने कहा कि मीडिया में उनके खिलाफ खबरें छपीं, पर उन्होंने इसे अपनी सहज आलोचना के रूप में ही लिया। उन्होंने कहा कि आज लोगों तक समाचारों की पहुंच आसान हुई है। कुछ ही पलों में राजधानी में हो रही घटना से गांवों के लोग वाकिफ हो जाते हैं। पूर्व रक्षा मंत्री ने कहा कि अखबारों के संपादकीय निष्पक्ष होते हैं और वो हर रोज इसे जरूर पढ़ते हैं।

मुलायम सिंह यादव ने इस मौके पर आईएफडब्लूजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष के विक्रम राव की वेबसाइट का विमोचन भी किया। वेबसाइट में राव की पांच किताबें, 500 से अधिक लेख, परिचय और तस्वीरों का प्रस्तुतिकरण है।

परिसंवाद में बोलते हुए आल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि मीडिया सरकारों को आईना दिखाने का काम करता है। आज किसी भी सरकार के लिए मीडिया को नजरअंदाज करना आसान नहीं है।rsz_2_1

वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ कलहंस ने सोशल मीडिया के बढ़ते हुए प्रभाव पर रोशनी डालते हुए कहा कि सोशल मीडिया संचार का लगभग एक दशक पुराना माध्यम है। इसका प्रचलन तब तेजी में आया, जब वर्ष-2008 में फेसबुक नाम की सोशल वेबसाइट अस्तित्व में आई। आज सोशल साइट पर तीन तरह की जमात देखने को मिल रही है।

पहली वो जो जिसका उद्देश्य साम्प्रदायिकता को बढ़ावा देना है, दूसरी जमात उनकी जो साम्प्रदायिकता की विरोध में खड़े है और तीसरी जमात उस दलित चिन्तक वर्ग की है जो सदियों से मीडिया एक वर्ग के लिए उपेक्षित रहा है। सोशल मीडिया ने ऐसे उपेक्षित वर्ग को एक प्लेटफार्म दिया जहां आकर वो अपनी बात रखते हैं। इसलिए सोशल मीडिया एक वरदान है।

फोटोः लखनऊ प्रेस क्लब में कार्यक्रम के दौरान मुलायम सिंह यादव।