Wednesday, September 8, 2021

मुलायम ने गेंद डाली केंद्र के पाले में

visual-4 001लोकसभा चुनाव से पहले वोट बैंक को लुभाने का दौर शुरू हो चुका है। यूपी सरकार ने 17 ओबीसी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने के प्रस्ताव को केन्द्र सरकार के पास भेज दिया है। अब गेंद केंद्र सरकार के पाले में है।   

 

समाजवादी पार्टी की निगाह लोकसभा चुनाव पर है यही वजह है कि मुलायम सिंह कमान से हर तीर आजमा लेना चाहते हैं। यूपी में समाजवादी पार्टी की सत्ता है लिहाजा मुलायम को पता है कि अभी नहीं तो कभी नहीं। मुलायम सिंह अब यूपी की सियासत में केंद्र की कुर्सी देख रहे हैं, और उस कुर्सी पर बैठने के लिए ब्राह्मणों का आशिर्वाद और ओबीसी का वोट बैंक ही मददगार होगा, मुलायम सिंह को ये बखूबी पता है, यही वजह है कि अब 17 पिछड़ी जातियों को एससी में शामिल कर मुलायम बीएसपी के वोट बैंक में सेंध लगाना चाहते हैं।

लखनऊ के महासम्मेलन में ये संदेश भी दिया गया कि 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाती में शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। यानी निशाने पर वोट बैंक है और सवालों में केंद्र सरकार की नीयति। जिन जातियों को एससी में जोड़ा जाना है उनमें प्रजापति,कश्यप,कुम्भार, कहार, मांझी ,निषाद ,मल्लाह, केवट,बिंद,मछुय, बाटम, धीवर,गोंड, तेहरा, भर, राजभर, वियार पिछड़ी जातियों के लोग शामिल है। केंद्र सरकार को भेजे प्रस्तव से समाजवादी पार्टी बीएसपी और कांग्रेस दोनों को कटघरे में खड़ा करना चाहती है। बीएसपी तो पहले ही इस तरह के फेर बदल के उलट रही है, और कांग्रेस ने अगर इस प्रस्तव को संज्ञान में नहीं लिया तो आगामी लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के लिए ये भी चुनावी मुद्दों शामिल होगा। उत्तर प्रदेश में 35 फीसदी सीटों पर पिछड़ों के वोट बैंक का जोरदार असर देखने को मिलता है। यही वजह है कि इस बजट सत्र में भी वोटबैंक को लेकर कई लोक लुभावन घोषणाएं हो सकती हैं।

वोट बैंक की राजनीति मुलायम सिंह को केंद्र तक की कुर्सी तक पहुंचाएगी या नहीं ऐ तो आने वाले लोकसभा चुनाव में पता चलेगा लेकिन बीएसपी के नेता आगामी लोकसभा सत्र और उत्तर प्रदेश के बजट सत्र में इसको लेकर हंगामा करेंगे इससे इनकार नहीं किया जा सकता। (एजेंसी)

 

 

Leave a Reply