Friday, September 3, 2021

मेरठ जेल पहुंचा ‘नर पिशाच’ कोली, कभी भी हो सकती है फांसी

kलखनऊ।। नोएडा के निठारी कांड का दोषी सुरेंद्र कोली डेथ वारंट जारी होने के बाद गुरुवार देर शाम मेरठ जेल लाया गया। वह गाजियाबाद की डासना जेल में बंद था। काफी सुरक्षा के बीच काले रंग के शीशे वाली गाड़ी में कोली डेढ़ घंटे में मेरठ पहुंचा गया। जेल में कोली को अलग बैरक में रखा गया है। कोली को आनन-फानन में मेरठ जेल शिफ्ट करने के बाद, ये चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं कि उसे दस सितंबर तक कभी भी फांसी दी जा सकती है।

पूरे देश को हिलाकर रख देने वाले 2006 के निठारी कांड में मुख्य आरोपी रहे मोनिंदर सिंह पंधेर के नौकर सुरेंद्र कोली को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (सीबीआई) कोर्ट ने फांसी की सजा सुना दी। इससे पहले भी कोली को पांच मुकदमों में फांसी की सजा हो गई है।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक मुहम्मद हुसैन मुस्तफा रिजवी के मुताबिक, सुरेंद्र कोली को अलग बैरक में रखा गया है। उसे देर रात खाना भी दे दिया गया गया है।

जेल सूत्रों की मानें तो कोली ने मेरठ जेल का खाना भी नहीं खाया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक का कहना है कि यदि सुरेंद्र कोली धार्मिक ग्रंथ या कोई पुस्तक पढ़ना चाहता है, तो उसे उपलब्ध करा दी जाएगी।

बढ़ी सरगर्मी के बीच मेरठ जेल के फांसी घर को तैयार कर लिया गया। जेल में 39 साल बाद किसी को फांसी दी जाएगी। फांसी घर की साफ-सफाई करा दी गई है। पवन जल्लाद भी तैयार है। यहां अंतिम फांसी जुलाई, 1975 में दी गई थी। इसलिए फांसी घर खंडहर जैसी हालत में था। तख्ते, एंगल और फांसी के लिए 15 मीटर की रस्सी का इंतजाम कर लिया गया है।

फांसी मिलने पर मिलेगा सुकून

निठारी कांड के पीड़ितों का कहना है कि सुरेंद्र कोली को फांसी मिलने पर ही उन्हें सुकून मिलेगा। तभी उनके बच्चों की आत्मा को शांति मिलेगी। ज्यादातर पीड़ितों की चाहत है कि कोली के साथ डी-5 कोठी मालिक मोनिंदर सिंह पंधेर को भी जल्द से जल्द फांसी दी जाए। झब्बू लाल ने कहा कि कोली को फांसी से ही मेरे बच्चों को न्याय मिलेगा। पप्पू का कहना है कि दोषियों को फांसी बच्चों के लिए श्रद्धांजलि होगी। अनिल हलदर ने कहा कि मुझे उस पल का इंतजार है, जब मेरी बेटी के हत्यारे को फांसी पर लटकाया जाएगा।

(कुछ इनपुट दैनिक जागरण से)

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