Saturday, August 28, 2021

मोबाइल कंपनियों में छिड़ी जंग: आपके फोन की घंटी कितनी देर तक बजेगी

टेलिकॉम कंपनियों के बीच आउगोइंड कॉल की रिंग ड्यूरेशन टाइमिंग को लेकर विवाद छिड़ गया है. एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया जैसी कंपनियों के मुताबिक आउटगोइंड कॉल की रिंग कम से कम 30 सेकंड बजनी चाहिए.

दरअसल ये विवाद तब शुरू हुआ जब जियो नेटवर्क की आउटगोइंड कॉल्स की रिंग ड्यूरेशन 5 सेकंड बढ़ाकर 25 सेकंड की गई. अब एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया टेलिकॉम कंपनियां इसका विरोध कर रही हैं. ये कंपनियां रिंग ड्यूरेशन को 30 सेकंड तक करना चाहती हैं.

मुकेश अंबानी की टेलिकॉम कंपनी जियो ने आउटगोइंड कॉल्स की रिंग ड्यूरेशन 20 सेकंड से बढ़ाकर 25 सेकंड करने का कदम तब तक के लिए उठाया है जब तक टेलिकॉम रेग्युलेटर इसकी कोई फाइनल गाइडलाइन जारी नहीं करता है.

हाल में एयरटेल ने ट्राई को एक लेटर लिखते हुए कहा कि रिलायंस जियो की तरह एयरटेल नेटवर्क को भी कॉल्स की रिंग टाइमिंग घटाकर 20 सेकंड करना पड़ सकता है. एयरटेल ने ट्राई से अपील की कि जियो की रिंग टाइमिंग को बढ़ाया जाए.

एयरटेल के मुताबिक छोटे रिंग अलर्ट से मिस्ड कॉल्स की गिनती में इजाफा होता है. यही वजह है कि जियो नेटवर्क पर रिटर्न कॉल्स ज्यादा आती हैं.

वहीं, जियो ने एयरटेल के दावे का खंडन किया है, कंपनी के मुताबिक ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से 15-20 सेकंड की कॉल ड्यूरेशन सही है.

रिंग ड्यूरेशन को लेकर 6 सितंबर को ट्राई की बैठक हुई थी. जिस में एयरटेल, वोडाफोन, बीएसएनएल और एमटीएनएल कंपनियां शामिल हुईं. इस बैठक में कॉल की रिंग ड्यूरेशन को 30 सेकंड रखे जाने की बात कही गई.

कंपनियों का कहना है कि कंज्यूमर और नेटवर्क परफॉर्मेंस दोनों के हिसाब से ये सही है. जबकि जियो 25 सेकंड का कॉल रिंग ड्यूरेशन ही रखना चाहती है. जियो का मानना है कि 20 सेकंड का वक्त कॉल का जवाब देने के लिए काफी है. कॉल ड्यूरेशन के लंबा होने से स्पेक्ट्रम रिसोर्सेज बरबादी होगा.

इस मामले में ट्राई ने एक डिस्कशन पेपर ‘Duration of alert for the called party’ तैयार किया है और मैक्सिमम रिंग ड्यूरेशन के लिए कंपनियों की राय मांगी है. इसके साथ ही ट्राई ने जल्द फैसला लेने की बात भी कही है.