Tuesday, September 7, 2021

लोकायुक्त ने पेश की मिशाल, नहीं उठाए मंत्री गायत्री पर सवाल

Lokayukta-Mining-Minister-Pardaphash-166529कोर्ट के आदेश में यह भी कहा गया है कि‍ सिर्फ अखबारों में छपी खबर के आधार पर नूतन ठाकुर पीआईएल कर देती हैं।

लखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन)।। यूपी के लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा ने एक मिशाल पेश की है। बुधवार को उन्होंने खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ दाखिल शिकायत को खारिज कर दिया। लोकायुक्त का कहना है कि मंत्री के खिलाफ नूतन ठाकुर बिना सबूतों के जांच चाह रही थीं, लेकिन सिर्फ अखबारों में छपी खबर के आधार पर ऐसा नहीं किया जा सकता। लोकायुक्त ने इस तरह की 15 शिकायतें खारिज की हैं। वहीं, बाकी 39 मामलों पर अर्जी लगाने वाली नूतन ठाकुर का कहना है कि लोकायुक्त की कोई टिप्पणी नहीं आई है। नूतन का ये भी कहना है कि वह पुनर्विचार की अपील करेंगी, यदि कोई कदम नहीं उठाया गया तो हाईकोर्ट जाएंगी।

ज्ञात हो कि बीती 15 मई को लोकायुक्त ने मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ आय से अधि‍क संपत्ति के मामले में प्रतापगढ़ के ओमशंकर द्वि‍वेदी की याचिका खारिज कर दी थी। वहीं, प्रजापति‍ के मामले में सामाजि‍क कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने 54 बि‍न्‍दुओं पर परि‍वाद दाखि‍ल कर लोकायुक्‍त जांच की मांग की थी। जांच में लोकायुक्‍त ने पाया कि‍ अवैध संपत्तियां खरीदने के लिए मंत्री के खिलाफ हरिहरपुर के खाता संख्या 634 की खतौनी की नकल लगाई गई है। इसकी जब उन्होंने और पड़ताल की तो गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ मामला कमजोर लगा।

मंत्री को इस वजह से मिली राहत

दाखिल दस्तावेज में लोकायुक्त ने पाया कि संपत्ति खरीदे जाते वक्त गायत्री प्रसाद प्रजापति लोकसेवक नहीं थे। साथ ही परि‍वाद के साथ जो चार्ट लगाया गया था, उसके क्रमांक 14, 15 और 17 पर उनके नाम पर कब और कि‍ससे संपत्ति खरीदी गई और वो कहां है, इसका भी जिक्र नहीं था। नूतन ठाकुर ने प्रजापति‍ के वि‍धानसभा चुनाव के नामांकन के दौरान 1.81 करोड़ की संपत्ति बताई थी। उनका कहना था कि मंत्री बनने के दो साल में ही प्रजापति की संपत्ति 942.57 करोड़ रुपए की हो गई।

नूतन ठाकुर की शिकायत में प्रजापति को चार्ट के आधार पर संपत्ति खरीदने वाला बताया गया। वहीं, लोकायुक्त का कहना है कि 28 जुलाई 2013 को मंत्री बनने के बाद प्रजापति ने कोई संपत्ति नहीं खरीदी। अलग-अलग कंपनियों में उनके डायरेक्टर होने के बारे में लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा ने कहाकि ऐसी कोई नियुक्ति नहीं मिली। कंपनियों पर निवेश के बारे में उनका कहना है कि इसकी जांच आयकर विभाग कर सकता है।

परि‍वाद खारि‍ज करने को लेकर लोकायुक्‍त ने अपने आदेश में हाईकोर्ट के आदेश को आधार बनाया है। उन्होंने कहा है कि हाईकोर्ट ने जनहि‍त याचि‍काओं को दाखि‍ल करने की प्रवृत्‍ति‍ पर रोक लगाने के लि‍ए रजि‍स्‍ट्री में 25000 रुपए जमा कराने का आदेश दि‍या है। कोर्ट के आदेश में यह भी कहा गया है कि‍ सिर्फ अखबारों में छपी खबर के आधार पर नूतन ठाकुर पीआईएल कर देती हैं। लोकायुक्‍त ने अपने आदेश मे लि‍खा है कि‍ परि‍वादि‍नी के आरोप पहली नजर में गलत और लोक सेवक को तंग करने के लि‍ए किए गए लगते हैं।

गायत्री प्रसाद प्रजापति‍ के मामले में लोकायुक्‍त के यहां परि‍वाद खारि‍ज किए जाने के बाद नूतन ठाकुर ने कहा है कि‍ उन्‍होंने 54 बि‍न्‍दुओं पर जांच की मांग की थी। जबकि, सिर्फ 15 बिंदुओ को जांच का आधार बताकर खारि‍ज कि‍या गया। लोकायुक्त के आदेश पर सवाल उठाते हुए नूतन ठाकुर का कहना है कि‍ संपत्‍ति‍ की जांच का अधि‍कार लोकायुक्‍त ने आयकर को बताया है, लेकिन लोकायुक्‍त एक्‍ट में कहीं भी ऐसी सीमा तय नहीं की गई है।

सुनवाई न होने पर हाईकोर्ट जाएंगी

नूतन ठाकुर ने कहा है कि‍ लोकायुक्‍त की ओर से परिवाद खारि‍ज होने के बाद वह अब पुनर्विचार का अनुरोध करेंगी। उन्होंने कहा कि अगर बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं होती तो वह हाईकोर्ट में दस्तक देंगी। झूठी शि‍कायत के आरोप में लोकायुक्त की कार्रवाई होने के बारे में नूतन ठाकुर ने कहा कि अभी कोई नोटिस नहीं मिला है।

फाइल फोटोः मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा।