Saturday, September 4, 2021

समाजवादी पार्टी में फिर घुसेंगे अमर सिंह !

VCलखनऊ।। डीडीसी न्यूज़ नेटवर्क।। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कथित चाचा अमर सिंह को फिर से समाजवादी पार्टी में घुसेड़ने की पटकथा तैयार हो रही है। अब केवल औपचारिकता ही बाकी है। कुछ ही दिनों में यह साफ हो जाएगा कि विधानसभा चुनाव में सपा को गाली देने वाले अमर सिंह किस तरह मुलायम और अखिलेश को लड्डू खिलाएंगे और खाएंगे। सियासत की यह पटकथा लोकसभा में जोरदार अभिनय के लिए लिखी जा रही है। विधानसभा चुनाव में एक भी सीट न जीत पाने वाली लोकमंच पार्टी के मुखिया को अब लगने लगा है कि आ अब लौट चलें। सियासत के जुगाडू खिलाड़ी और कभी समाजवादी पार्टी के कभी डिप्टी सीएम माने जाने वाले अमर सिंह घर वापसी को बेताब है। भारतीय राजनीति के सबसे बड़े पोलिटिकल मैनेजर को पता है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में विधानसभा चुनाव से अलग कुछ भी नहीं होगा, उनको एक भी सीट नहीं मिलनी है ऐसे में जरूरी है कि समाजवादी पार्टी का ही दमन थाम लिया जाए। हालांकि समाजवादी पार्टी भी अमर सिंह को लेकर लोकसभा में समीकरण को और मजबूत करना चाहती है । समाजवादी पार्टी के मुखिया को को लगता है कि अमर सिंह के पार्टी में आने से न केवल पार्टी में एक बोलने वाले चेहरे की संख्या बढ़ेगी बल्कि बड़े से बड़े नेताओं के स्ट्रोक का जवाब भी अमर सिंह मजबूती से देंगे। सही मामले में देखा जाए तो सपा अमर सिंह को एक हिटर और फिटर के रूप में देख रही है। ख़बर यह भी है कि अमर सिंह को मोदी के हमलों का जवाब देने के लिए लाया जा रहा है।

इस बार लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह  को प्रधानमंत्री की कुर्सी करीब आती दिखाई दे रही है। 1996 में प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठतेबैठते रह गए मुलायम सिंह  इन आम चुनावों में कोई मौका नहीं गंवाना चाहते है यही वजह है कि अमर सिंह की समाजवादी पार्टी में जगह पक्की मानी जा रही है। हालांकि डीडीसी न्यूज़ नेटवर्क के सूत्रों की माने तो अमर सिंह भी समाजवादी पार्टी का मोह त्याग नहीं पा रहे हैं । उन्हें पता है कि इस देश में मुलायम सिंह की पार्टी ही अमर सिंह के लिए उपजाऊं जमीन का काम कर सकती है। हालांकि सूत्रों की मानें तो आजम खां मुलायम सिंह के इस रोड मैप से खुश नहीं हैं। लेकिन अखिलेश यादव और मुलायम सिंह ही नहीं बल्कि शिवपाल यादव भी चाहते हैं कि बहुत हुआ ड्रामा अब अमर सिंह की घर वापसी हो जाए। यह भी कहा जाता है कि अमर सिंह का समाजवादी पार्टी और समाजवादी परिवार में कितना पड़ा कद है इसको इससे ही समझा जा सकता है कि उन्हों ने ही अखिलेश यादव और डिंपल की शादी करवाई थी, जबकि मुलायम सिंह शादी के बिलकुल खिलाफ थे। लेकिन रणनीतिकारों का यह भी मानना है कि अमर सिंह के आने से अखिलेश यादव नहीं बल्कि अमर सिंह ही बैकडोर से सीएम का कामधाम देखेंगे।

गाजियाबाद में अमर सिंह की कांग्रेस के पोस्टर पर नाम और तस्वीर भी लगी है और  कांग्रेस में अमर सिंह के जाने की ख़बरें कभी कभी आती रहतीं हैं लेकिन यह सच नहीं है। कांग्रेस की केंद्र सरकार को बचाने वाले अमर सिंह पहली बार कोर्ट गए और कोर्ट से ही उन्हें जेल भी भेज दिया गया था। कांग्रेस की सरकार को बचाने की कीमत के रूप में अमर सिंह ने महीनों काल कोठरी में रात गुजारी है, लेकिन कांग्रेस में वो पद और कद मिल पाना मुश्किल है जो समाजवादी पार्टी में आसानी से मिल जाएगा। एक और बात है पिछड़ों की पार्टी में अमर सिंह की चलती भी है और हर पिछड़ा और दलित नेता अमर सिंह से डरता भी है। केवल मुलायम का परिवार ही अमर सिंह के करीब हो पाता है । यही वजह है कि अमर सिंह के लिए समाजवादी पार्टी एक सही विकल्प के रूप में दिख रही है। दूसरी बड़ी बात है कि कांग्रेस में आरपीएन सिंह, दिग्विजय सिंह समेत कई बड़े ठाकुर नेता भी हैं जो नहीं चाहते कि अमर सिंह कांग्रेस में आएं और उनके कद और पद को छोटा करें। 

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