Saturday, September 4, 2021

2016 के अंत तक हो सकते हैं यूपी विधानसभा चुनाव

0लखनऊ।। अखिलेश कृष्ण मोहन ।। विधानसभा में नेता विपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि सीएम को केवल एक बार ही और बजट पेश करने को मिलेगा। इसके बाद चुनाव हो जाएंगे। इस लिए जाते-जाते कुछ करते हुए जाएं। उनके इस सवाल पर सदन में सभी हंसने लगे, उनकी मैथ मेटिक पर भी लोगों ने सवाल उठा दिया, लेकिन स्वामी ने सदन में इसका बड़ी ही बारीकी से जवाब दिया।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि पिछली सरकार का कार्यकाल भी पूरी होने के बाद मई जून में चुनाव होने चाहिए थे, लेकिन चुनाव मार्च में ही गए। इसी तरह छह महीने पहले ही चुनाव आयोग अपने हिसाब से कभी भी चुनाव की तारीख तय कर सकता है। इस तरह देखें तो नवंबर दिसंबर में चुनाव हो सकते हैं।

विधानसभा में बजट पर चर्चा

कानून-व्यवस्था पर चर्चा के बाद बजट पर चर्चा शुरू ही हुई। इस दौरान नेता विपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्या ने सरकार के लैपटॉप नीति बदलने को लेकर सवाल किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के झुनझुना कहने पर यदि सरकार ने योजना बंद कर दी तो यह साबित हो रहा है कि विपक्ष भारी है। सरकार ने दो साल तक लैपटॉप देने की कसरत की। इसके बाद लोकसभा चुनाव आ गए। इसके बाद ये योजनाएं बंद हो गईं।

सदन में अखबार पढ़ते नजर आए बीजेपी विधानमंडल दल के नेता

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना सदन में ही अखबार पढ़ते नजर आए। इसको लेकर जब विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे ने संज्ञान लिया और सदन में अखबार न पढ़ने की सलाह दी तो विपक्ष और सत्ता पक्ष भी मजाक के मूड़ में आ गया। स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा कि उन्हें कोई तस्वीर पसंद आ गई होगी। इसके बाद सदन ठहाकों से गूंज उठा।

सदन में बजट पर चर्चा के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि एक ने लोक लुभावन वादे कर सरकार बना दी तो दूसरे ने अच्छे दिन का सपना दिखाकर। उनका निशाना साफ था बीजेपी और समाजवादी पार्टी पर। उन्होंने अपनी सरकार की नजीर पेश की और कहा कि बीएसपी सरकार ने जिन योजनाओं को शुरू किया था उन्हें पूरे पांच साल तक चलाया भी था। सरकार को गरीबों के हितों को लेकर काम करना चाहिए। प्रभावी प्रशासन की बात सरकार ने बजट में की है, लेकिन इसे पूरा करने में नाकाम रही है। किसान ठगा महसूस कर रहा है।

गन्ना किसानों को तीन साल से मिल रहा एक ही रेट

स्वामी प्रसाद मौर्य ने गन्ना किसानों का मुद्दा भी सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को तीन साल में एक ही रेट मिल रहा है। जबकि खाद-पानी और मेहनत मजदूरी सभी में बढ़ोतरी हुई है। किसानों ने कौन सा पाप किया है कि सरकार उन्हें एक ही रेट पर तीन साल से चला रही है। किसानों को सरकार की उदासीनता की वजह से ही अपने बकाए के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।

गेहूं की खरीद को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि क्रय केंद्रों पर मनमानी की जा रही है। बिचौलियों के माध्यम से गेहूं खरीदा जा रहा है। अच्छे धान रिजेक्ट किए जा रहे हैं। खराब क्वालिटी के धान की खरीद की जा रही है। सपा सरकार ने 2015 को किसान वर्ष घोषित किया है तो इसके इंतजाम भी किए जाने चाहिए थे।

फाइल फोटोः स्वामी प्रसाद मौर्य, नेता विपक्ष विधानसभा यूपी।