Sunday, September 5, 2021

बाइक राइडर है ये 6 साल का लड़का, ऑस्ट्रेलिया में रफ्तार लगाने को तैयार

डेस्क। तेज रफ्तार से बाइक चलाने का शौक हर युवा को होता है और बाइक को धीमा चलाने की नसीहत भी सभी को मिली होगी। मगर यदि कोई परिवार अपने बच्चे को तेज रफ्तार बाइक दौड़ाने को कहे और वह भी सिर्फ छह साल की उम्र में तो हैरान होना लाजमी है।

बाइक राइडर

लेकिन मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के विराज राठौर ऐसा ही कमाल कर रहा है। इसी वजह से उसका चयन ऑस्ट्रेलिया में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए हुआ है।

2019 में होने वाली इस रेस में विराज देश का सबसे कम उम्र का रेसर होगा। विराज के पिता यशराज भी बाइक राइडर हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर के इवेंट में हिस्सा ले चुके हैं। उन्होंने बताया ऑस्ट्रेलिया में जूनियर मोटोक्रॉस वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए विराज का चयन हुआ है।

ये देश होंगे शामिल

रेस में मेजबान ऑस्ट्रेलिया के अलावा अमेरिका, कनाडा, चीन, इंडोनेशिया, जर्मनी, रूस, थाईलैंड, स्पेन, इटली आदि देशों के बाइकर्स चुनौती पेश करेंगे।

छोटे विराज का बड़ा संयम

विराज की दिनचर्या संयमित है। सुबह 6 बजे उठकर जिमनास्टिक करता है। उसके बाद रनिंग। साढ़े सात बजे स्कूल जाता है। शाम साढ़े चार बजे लौटकर फिर अभ्यास।

65 सीसी की बाइक रेस में

विराज से पहले पुणे का युवराज कॉन्देय 85 सीसी (अंडर-16) वर्ग में हिस्सा ले चुका है जबकि विराज अंडर-12 वर्ग की 65 सीसी बाइक रेस में हिस्सा ले रहा है।

बच्चों की विशेष बाइक

बच्चों के लिए विशेष बाइक होती है। विराज के पास ऐसी 50 सीसी, 55 सीसी (जूनियर) और 65 सीसी (सीनियर) बाइक हैं। इसे चलाने के लिए फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब इंडिया (एफएमएससीआई) का लाइसेंस भी है।

चयन ऐसे : राष्ट्रीय स्तर पर रेस में भाग ले चुके बच्चों को फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब निमंत्रण भेजता है।

4 साल की उम्र से शौक, घर के रेसिंग ट्रैक पर करता है अभ्यास

इंदौर के सत्यसाईं विद्या विहार के दूसरी के छात्र विराज को चार साल की उम्र से ही बाइक चलाने का शौक है। पिता यशराज ने शौक देखकर घर के पास ही रेसिंग ट्रैक बनवा दिया। रोज 3 से 4 घंटे प्रैक्टिस करने लगा। एक साल में ही विराज ने गोवा में एमआरएफ मोटो ग्रुप सुपर क्रॉस बाइक रेस में दूसरा स्थान प्राप्त किया।

आरटीओ नहीं देता लाइसेंस रेसिंग के लिए दिया जाने वाला लाइसेंस आरटीओ के अधीन नहीं आता है। रेसिंग लाइसेंस सिर्फ ट्रैकके लिए होता है। -जेएस रघुवंशी, आरटीओ, इंदौर