Thursday, September 2, 2021

7 यादवों की हत्या का आरोपी है बीजेपी MLC, महिला गवाह ने मांगी सुरक्षा

अखिलेश कृष्ण मोहन

वाराणसी/चंदौली. 31 साल पहले एक ही यादव परिवार के 7 लोगों की तलवार से काटकर हत्या के मामले में बीजेपी के MLC बृजेश सिंह को आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। पूरे मामले की सुनवाई अब शुरू हो गई है। हालांकि मात्र एक गवाह बची महिला ने अपने हत्या की आशंका जताई है। महिला ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। महिला ने यह भी कहा है कि उनकी जान भले ही बृजेश सिंह ले ले, लेकिन वह यदि जिंदा रहेंगी, तो कोर्ट के सामने सबकुछ सच बताएंगी।

MLC

खुद को जुवेनाइल साबित करना चाहता है बृजेश सिंह

 

इसे पढ़ेंः दीपिका पादुकोण की गर्दन काटने पर 5 करोड़ का इनाम

 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट को माने, तो बीजेपी MLC बृजेश सिंह खुद को बचाने के लिए जुवेनाइल साबित करना चाहता है। हालांकि कोर्ट ने उसे बच्चा मानने से इनकार कर दिया है। पूरे मामले में बृजेश सिंह ही मुख्य आरोपी है। इस हत्याकांड के बाद भी बीजेपी ने उसे टिकट देकर एमएलसी बना दिया।

यहां पढ़िए इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट

 

बच्चों की भी हत्या

जानकारी के मुताबिक, चंदौली के ग्राम सिकरौरा थाना बलुआ में वर्ष 1989 में भोर में एक ही परिवार के सात लोगों की (इसमें बच्चे भी शामिल हैं।) तलवार से काटकर हत्या कर दी गई थी। ये सभी लोग उस समय सो रहे थे। इस हत्याकांड में राम चंद्र यादव प्रधान भी मारे गए थे। उनका पूरा परिवार खत्म हो गया। राम चंद्र यादव की पत्नी केवल बची हुई हैं। मारे गए लोगों में राम चंद्र यादव, दो बच्चे, चार अन्य संबंधी थे।

इसे पढ़ेंः प्रियंका चोपड़ा ने कार में उतार दिए कपड़े, ये वीडियो हो गया वायरल

 

MLC

बीजेपी MLC पर हत्या करने का आरोप

 

स्थानीय लोग बताते हैं कि बीजेपी MLC बृजेश सिंह को पुलिस ने हत्याकांड की जगह से हथियार के साथ गिरफ्तार किया था। वह परिवार के बाकी लोगों को भी मार डालने के लिए खोज रहा था। कुछ दिन तक बृजेश सिंह जेल में भी रहा, लेकिन बाद में ऊंची पहुंच के चलते वह छूट गया। इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 23 नवंबर है।

 

इसे पढ़ेंः बीजेपी नेता की सरेआम गोली मारकर हत्या

 

चंदौली के स्थानीय प्रतिनिधि के मुताबिक, अपर जिला जज (तृतीय) नरेंद्र कुमार झा की अदालत में मामला चल रहा है। मंगलवार को हत्याकांड के आरोपी बीजेपी MLC बृजेश सिंह को कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने अगली सुनवाई 23 नवंबर तय की है। इस मामले में मामला दर्ज करवाने वाली हीरावती देवी कोर्ट नहीं आईं। कोर्ट ने पर्याप्त सुरक्षा के बीच मात्र एक गवाह बची हीरावती देवी को लाने का एसपी को निर्देश दिया है। इस हत्याकांड को लेकर हीरावती देवी ने ही मामला दर्ज करवाया था। ऐसे में कोर्ट भी उनकी जान के खतरे को भांप रहा है।

 

इसे पढ़ेंः अमिताभ बच्चन सड़क हादसे में शिकार 

 

यदि हत्या होती है, तो योगी सरकार जिम्मेदार

 

स्थानीय सपा नेताओं का एक सुर में कहना है कि पुलिस पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे रही है। महिला की दबंग माफिया बीजेपी MLC कभी भी हत्या करवा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो बृजेश सिंह के 7 लोगों के नरसंहार में बच जाने की संभावना बढ़ जाएगी। उसे बचाने के लिए बृजेश सिंह के गुर्गे हत्या कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो योगी सरकार इसके लिए जिम्मेदार होगी।