Thursday, September 9, 2021

ABSP ने लखनऊ में की आतंकवाद पर संगोष्ठी, बताया कलंक

27-dainikdunia.com-ABVPलखनऊ।। अखिल भारतीय साहित्य परिषद (एबीएसपी) लखनऊ इकाई ने रविवार को लखनऊ यूनिवर्सिटी के हिंदी संस्थान में संगोष्टी का आयोजन किया। संगोष्ठी का मुद्दा आतंकवाद को वैश्विक कलंक बताया गया है। इसमें बीजेपी के वरिष्ठ नेता हृदय नारायण दीक्षित भी शामिल हुए। उनका कहना था कि आतंकवाद से दुनिया का कोई भी देश सुरक्षित नहीं है।

संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए भाजपा विधान परिषद दल के नेता हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि आतंकवाद आज एक वैश्विक संकट बन चुका है। इसमें कोई संदेह नहीं है। आज आतंकवाद से दुनिया का कोई भी भूभाग सुरक्षित नहीं है। जो देश इस तरह की विचारधारा का पोषक है पाकिस्तान वह भी आतंकवाद से पीडि़त है लेकिन यह हमारे लिए खुशी का विषय नहीं है।

दीक्षित ने कहा कि दुनिया के ताकतवर देश अमेरिका और इंग्लैंड अभी तक मानते थे कि आतंकवाद कुछ देशों की समस्या है, लेकिन आज उनके लिए भी आतंकवाद खतरा है। उन्होंने कहा कि आज आतंकवाद तीसरे विश्वयुद्ध के रूप में हम सबके सामने है। आतंकवादी आज अत्याधुनिक हथियारों का प्रयोग कर रहे हैं।

मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री शिक्षाविद रवीन्द्र शुक्ल ने कहा कि आतंकवाद एक आदत है। इसके लिए एक खास तरह की विचारधारा और कुरान की आयतें जिम्मेदार हैं। जितने भी आक्रान्ता देश में आये उन सभी पर कुरान की आयतों का स्पष्ट प्रभाव झलकता है। इस्लाम की विचारधारा दारूल हरब को दारूल इस्लाम में तब्दील करने के लिए प्रयत्नशील है।

अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रदेश कोषाध्यक्ष अशोक पांडे ने कहा कि आतंकवाद के केन्द्र में राजनीति है। आतंकवादियों के आकाओं को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। आतंकवाद से आज चीन व अमेरिका भी परेशान है, लेकिन वह नहीं चाहता कि आतंकवाद रूके। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के पास वक्त है कि जेहाद के खिलाफ उठ खड़े हों। उन्होंने राष्ट्रधर्म पत्रिका के प्रबन्ध संपादक व साहित्य परिषद के प्रदेश महामंत्री पवन पुत्र बादल ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि आतंकवाद को हम साम्प्रदायिक चश्मे से नहीं देखते लेकिन आतंकवाद का पोषण करने वाली विचारधारा एक है। इसके निराकरण के लिए ठोस पहल करनी होगी।

फोटोः अखिल भारतीय साहित्य परिषद कार्यक्रम में हिस्सा लेते पदाधिकारी।