Friday, September 3, 2021

चिट्ठी में यह लिखकर… ट्रेन से कटकर दो टुकड़े हो गया लेखपाल

10959486_458183614335518_6808649401300970504_nलखनऊ।। मेरे शरीर का एक टुकड़ा एसडीएम और दूसरा तहसीलदार को दे देना। इसकी चिट्ठी लिखकर वह लेखपाल ट्रेन की पटरियों पर लेट गया और ट्रेन धड़धड़ाती हुई उसके ऊपर से निकल गई। यह कोई कहानी नहीं सोनभद्र की हकीकत है, जो रविवार को हुई है।

लेखपाल अशोक चौबे यूपी सरकार में पुरानी कनहर परियोजना में तैनात थे। चिट्ठी के मुताबिक, ‘जिले के दो अधिकारी एसडीएम और तहसीलदार उनसे घपला करवाना चाहते थे। वह चाहते थे कि घपलेबाजी कर फर्जी लोगों के नाम जमीन का सर्वे कर दूं, लेकिन ऐसा नहीं कर सका। वह रिश्वत की मांग कर रहे थे। मैं, रिश्वत देने और फर्जी काम करने में नाकाम रहा हूं। इस लिए खुदकुशी कर रहा हूं। मेरे शरीर का एक टुकड़ा एसडीएम और दूसरा तहसीलदार को दे देना।

सबसे गंभीर बात है कि इस चिट्ठी और हकीकत के बाद भी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

फोटोः रेलवे ट्रैक पर दो टुकड़ों में कटा लेखपाल अशोक चौबे का शरीर।