Monday, August 30, 2021

कर न सके तुम प्यार का सौदा किस्मत ही कुछ ऐसी थी

502196458लखनऊ ।। सियासत में एक गलती किसी भी नेता को भारी पड़ सकती है। वह सीख भी दे सकती है, और उसकी कीमत भी चुकानी पड़ सकती है, लेकिन 77 साल के चौधरी अजीत सिंह इससे कोई सीख नहीं लेते हैं। उनके ऊपर यह लाइनें फिट बैठतीं हैं। वह हकीकत में तो मुलायम सिंह यादव से भी उम्र में बड़ें हैं, लेकिन अभी भी उन्हें अपना ठौर पता नहीं है। वह न तो किसी इंसान से सही से प्यार कर सके और न ही विश्वास बना सके कि देश की कोई भी पार्टी उन्हें भरोसे के काबिल मानकर अपने गले लगा ले। यही वजह रही जब मुलायम सिंह से उनकी मुलाकात को लेकर पार्टी के मिलने की चर्चा शुरू हुई तो मुलायम सिंह यादव के ही भाई रामगोपाल यादव ने यह कहकर गर्मजोशी पर पानी डाल दिया कि अजीत भरोसे के लायक नहीं हैं।

अखिलेश कृष्ण मोहन
अखिलेश कृष्ण मोहन

सोमवार को ऐसा लगा कि चौधरी अजीत सिंह राज्यसभा जा सकते हैं। सपा और रालोद दोनों ही दल यूपी में मिलकर अगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, अजीत सिंह के बेटे जयंत चौधरी यूपी सरकार में मंत्री बनेंगे। यह कवायद और चर्चा जितनी तेजी से शुरू हुई थी, उतनी ही तेजी के साथ खत्म हो गई। अब केवल इंतजार इस बात का है कि दोनों ही दल इसको लेकर मजबूती के साथ कब हां या ना में बयान देंगे।

अजीत सिंह की दलबदल नीति समझ से परे है। इसको लेकर विश्वविद्यालयों में शोध भी हो सकता है। अजित सिंह पहेली हैं। भारत में समसामयिक राजनीति में यदि भरोसा न करने लायक कोई नेता है तो उसमें अव्वल अजित सिंह बताए जाएंगे। नीतीश कुमार और केसी त्यागी ने उम्मीद से अजित सिंह से बात की। उनका भाव बनाया। कांग्रेस के सहयोग से राज्यसभा की सीट, बेटे को यूपी में प्रोजेक्ट करने, कांग्रेस-नीतीश-अजित के साझे चुनावी मिशन के फार्मूले बनाए। इसकी भनक में भाजपा ने राजनीति खेली। संकेत दिए, तो अजित सिंह उधर लपक लिए। राज्यसभा की सीट, केंद्र सरकार में मंत्री और बेटे के लिए यूपी में रोल के फार्मूले में हाबड़तोड़ ऐसा लालच दिखाया कि भाजपा ने तुरंत कहा पहले अपनी पार्टी का भाजपा में विलय करें। अब बेचारे अजीत सिंह न तो राज्यसभा जा पाए और न ही अपने बेटे का भविष्य बना पा रहे हैं। वह खुद ही पेंडुलम की तरह लटके हैं। उनको लेकर यह कहना बिलकुल फिट बैठता है कि कर न सके तुम प्यार का सौदा किस्मत ही कुछ ऐसी थी।

(अखिलेश कृष्ण मोहन पत्रकार सत्ता हिन्दी दैनिक अखबार में लखनऊ ब्यूरो चीफ हैं।)

फोटोः फाइल।