Friday, September 3, 2021

QAD को CM का रेड, तो बलराम को मिला ग्रीन सिग्नल

13532926_1242884029111609_1768454645930605659_nलखनऊ ।। कौमी एकता दल के सपा में विलय के फैसले को रद्द कर दिया गया। साथ ही मंत्रिमंडल से हटाए गए बलराम यादव की सरकार में वापसी होगी। पार्टी की शनिवार को संसदीय बोर्ड की बैठक में ये निर्णय लिए गए। इसके साथ ही पिछले कई दिनों से इन मुद्दे पर सपा में जारी उठापटक भी खत्म हो गई।

  • सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव और यूपी प्रभारी शिवपाल सिंह यादव भी मौजूद थे। बैठक में बलराम यादव और उनके बेटे संग्राम सिंह को भी बुलाया गया था। शिवपाल सिंह यादव ने पिछले मंगलवार को माफिया सरगना मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के सपा में विलय की घोषणा की थी। हालांकि इससे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नाखुश थे। उन्होंने इस विलय के सूत्रधार समझे जाने वाले बलराम यादव को उसी दिन बर्खास्त कर दिया था।
  • सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की बलराम यादव से नाराजगी के चलते उनको हटाया गया था। मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के समाजवादी पार्टी में विलय को लेकर बलराम यादव की भूमिका मानी जा रही थी। इससे मुख्यमंत्री खासे नाराज थे। हालांकि सपा में मुख्तार अंसारी को शामिल नहीं किया गया है, लेकिन मुख्यमंत्री के जौनपुर दौरे पर जाते ही कौमी एकता दल के सपा में विलय का ऐलान किया गया। इस विलय में पूर्वांचल के जिन प्रमुख तीन नेताओं का नाम सामने आ रहा था, उनमें बलराम यादव का नाम प्रमुख रूप से शामिल था।

फोटोः कार्यकर्ताओं से मिलते हुए बलराम यादव।