Tuesday, September 7, 2021

सर, गरीबों के लिए नहीं है समाजवादी आवास योजना

new-scheme-samjhwadi-yojnaमुख्यमंत्री की योजना को आवास विकास ने बनाया मजाक, आवंटी कर सकते हैं योजना का बहिष्कार

समाजवादी आवास के तहत मकान हो गए 10 लाख महेंगे, 23 लाख रुपए के मकान के लिए देना होगा 32 लाख 34 हजार रुपया।

लखनऊ (अखिलेश कृष्ण मोहन)।। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की समाजवादी आवास विकास योजना प्रदेश के गरीबों के लिए नहीं है। अधिकारियों के नकारेपन और योजनाओं को लेकर गंभीर न होने की वजह से मुख्यमंत्री के कम दाम में आवास देने के सपने पर पानी फिर रहा है। इसको लेकर न तो प्रमुख सचिव आवास सदाकांत गंभीर हैं और न ही कमिश्नर शहाबुद्दीन। इन आधिकारियों की अनदेखी की वजह से ही इस योजना के तहत दिए जाने वाले फ्लैट की कीमत करीब 10 लाख रुपए बढ़ गई है।

गौरतलब है कि अवध विहार योजना (सुल्तानपुर रोड) शहीद पथ के सेक्टर आठ में अफोर्डेबल हाऊसिंग पालिसी के तहत 2बीएचके टाइप ए के फ्लैट दिए जाने हैं। इस योजना के तहत जिन आवंटियों का चयन किया गया है, अब उनके घर पर चिट्ठियां भी भेजी जानी लगी हैं। इन चिट्ठियों में कब कितनी राशि जमा करनी है, इसका पूरा ब्यौरा है। हालांकि 2बीएचके की कीमत 23 लाख 25 हजार रुपए बताई गई थी। इसके लिए पंजीकरण राशि के रूप में 47 हजार रुपए जमा भी करवाए गए थे, लेकिन अब जिन्हें आवास दिया जा रहा है, उनसे तीस दिनों के अंदर एक लाख 16 हजार रुपए का चेक मांगा जा रहा है। यही नहीं, इसके बाद उन्हें 36 मासिक किस्तों में हर किस्त के रूप में 21 हजार 830 रुपए देना होगा। इसके बाद कब्जे के समय तीन लाख 49 हजार रुपए देना पड़ेगा। आवंटी को यहीं पर छुट्ठी नहीं मिल जाएगी। बल्कि कब्जे के बाद करीब 32 हजार रुपए की 84 किस्त मासिक देनी होगी, जो वर्ष 2019 तक चलेगी। इन धनराशियों को जोड़ें तो कुल मिलाकर 32 लाख रुपए का आकड़ा पार कर जाता है, जबकि फ्लैट के पंजीकरण के समय यह धनराशि 23 लाख 25 हजार रुपए ही अनुमानित लागत के रूप में बताई गई थी।

आवास विकास की समाजवादी योजना से मिलने वाले फ्लैट को लेकर अब लोग फैसला बदल रहे हैं। इसकी वजह सबसे बड़ी यह है कि यह रकम दे पाना किसी भी मध्यम वर्ग के लिए संभव नहीं है। आवंटी इस योजना का बहिष्कार भी कर सकते हैं। इसको लेकर आवास विकास के सचिव पंधारी यादव का कहना है कि समाजवादी आवास योजना गरीबों के लिए नहीं है। यह योजना निश्चित रूप से प्राइवेट बिल्डरों से कम रेट पर फ्लैट दे रही है। इसे बाजार में तुलना कर देख लीजिए।

हकीकत तो यह है कि गरीबों के लिए पूरे जोर शोर के साथ शुरू की गयी ‘समाजवादी’ आवास योजना खटाई में पड़ सकती है। बेघर लोगों को सिर पर छत के लिए 34 हजार रुपए मासिक किस्त देनी होगी। यह रकम शायद ही कोई गरीब दे पाए। हालांकि इसको लेकर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की मनमानी ने इसे और भी महंगा कर दिया। विपक्ष के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य का कहना है कि सरकार गरीबों का मजाक उड़ा रही है।

क्या है समाजवादी आवास योजना

इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास बोर्ड को 7756 फ्लैट बनाने हैं, जिनकी कीमत सवा बारह लाख रुपए से लेकर तीस लाख रुपए के बीच होगी। गरीबों को फ्लैट देने का एलान राजनीतिक विवाद में फंसता दिख रहा है और लगता है कि अब राज्य सरकार छीछालेदर होने से बचने की कोशिश कर रही है।

फोटोः फाइल।