Monday, September 6, 2021

अमित शाह नहीं मिले तो राहुल गांधी से मिलने पहुंच गए कुशवाहा, आज ले सकते हैं बड़ा फैसला

New Delhi. रालोसपा प्रमुख केन्द्रीय राज्य मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा का प्रयास सफल नहीं हुआ। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। सूत्र बताते हैं कि उसके बाद उन्होंने लगभग एक बजे दिन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने का प्रयास किया, लेकिन चुनाव में व्यस्त होने के कारण उनका भी समय नहीं मिला। ऐसे में अब उनके एनडीए में बने रहने पर संशय और गहरा हो गया है।

हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि कुशवाहा शनिवार की सुबह आठ बजे पटना की फ्लाइट पकड़ने तक शाह के संवाद का इंतजार किया।

भाजपा और रालोसपा के बीच चल रहे इस ‘खेल’ के बीच सबकी नजर शनिवार को होने वाली रालोसपा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक पर टिकी हुई है। ऐसे पार्टी दिसम्बर के पहले सप्ताह में कार्यकर्ता शिविर करने पर भी विचार कर रही है। अगर इस विचार को पार्टी नेता ने अंतिम रूप दिया तो चार और पांच दिसम्बर को वाल्मीकिनगर में शिविर होगा और वहीं पार्टी कुछ अहम फैसला ले सकती है।

शनिवार की बैठक में केवल नेताओं की राय ली जाएगी। शनिवार को बैठक भी दो चरणों में होगी। पहले पार्टी के राष्ट्रीय नेता आपस में बैठक करेंगे। उसके बाद सभी नेता प्रदेश कार्यसिमित और जिलाध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे।

कुशवाहा गुरुवार को दिल्ली गये थे। तब उन्होंने कहा था कि वह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से सीट शेयरिंग पर बात करने का प्रयास करेंगे। भाजपा अध्यक्ष के कार्यालय में समय लेने की सूचना देने के बाद उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी भी दी, लेकिन उसके बाद भी अमित शाह से मुलाकत नहीं हुई।

प्रवक्ता माधव आनंद ने बताया कि अमित शाह अभी चुनाव में व्यस्त हैं। वह दिल्ली से बाहर हैं। उनके यहां से यह भी खबर नहीं आई है कि श्री शाह नहीं मिलेंगे। लिहाजा शनिवार सुबह तक हमलोग इंतजार करेंगे।

मिलने का मौका पहले गवां चुके हैं उपेन्द्र

अमित शाह से मिलने का प्रयास कर रहे रालोसपा प्रमुख पिछले पखवारा यह मौका गवां चुके हैं। तेजस्वी यादव से अरवल में हुई उनकी मुलाकात के बाद शाह ने फोन कर रालोसपा प्रमुख से मिलने की इच्छा जताई थी। लेकिन उस समय उन्होंने कार्यक्रमों में व्यस्त होने का हवाला देकर दिल्ली जाने से इनकार कर दिया। दो दिन बाद जब वह दिल्ली गये तो श्री शाह से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी और वह भूपेन्द्र यादव से मिलकर लौट आये। उसके बाद से कुशवाहा लगातार प्रयास कर रहे हैं।