Tuesday, August 31, 2021

पहले स्नान किया, फिर खाना खाया, अमित जी फिर भी दलितों पर है ये बैन

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अखिलेश कृष्ण मोहन
अखिलेश कृष्ण मोहन

लखनऊ ।। खबर है कि गुजरात में 18 ऐसे जिले हैं, जहां पर मंदिरों में दलित प्रवेश निषेध है। यहां पर कभी भी अमित शाह दलितों के घर नहीं गए। उन्होंने वहां हो रहे दलितों के शोषण की आवाज नहीं उठाई। यूपी में दलितों के घर पर बिसलेरी पानी लेकर पूड़ी और सब्जी खा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले दलितों को आकषिर्त करने की पार्टी की योजना के तहत बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र में एक गांव में मंगलवार को एक दलित परिवार के साथ भोजन किया।

अपने यूपी दौरे के दौरान अमित शाह ने वाराणसी के जोगियापुर गांव में दलित परिवार के साथ जमीन पर बैठकर खाना खाया। पार्टी ने इस भोजन को ‘समरसता भोज’ का नाम दिया है। खाने में अमित शाह को लौकी का कोफ्ता, तोरी की सब्जी, रोटी, छाछ और मिठाई परोसी गई थी।

बताया जा रहा है कि अमित शाह ने दलित के घर पर भोजन किया है, लेकिन उत्तर प्रदेश में बिंद समुदाय अन्य पिछड़ा वर्ग में आता है, इसलिए बीजेपी के इस कृत्य पर सवाल भी उठ रहे हैं। बीजेपी की इस कवायद को उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले दलित और पिछड़ा वर्गों को खुश करने के तौर पर देखा जा रहा है। 

हाल ही में अमित शाह ने मध्य प्रदेश के उज्जैन में हो रहे सिंहस्थ महाकुंभ में दलितों के साथ स्नान किया था। इसे भी उनके चुनावी माहौल बनाने की दिशा में कदम के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि वहां पर भाजपा की सरकार होने के बाद भी दलितों को वहां पर स्नान करने देने से पहले मना कर दिया गया था। इसको लेकरअमित शाह ने कुछ भी नहीं कहा था।

फोटोः फाइल।