Monday, September 6, 2021

सिपाहियों की करतूत ने यूपी सरकार को किया शर्मसार

368बदायूं/लखनऊ।। नाबालिग से सिपाहियों के गैंगरेप को लेकर यूपी सरकार की नींद उड़ी हुई है। यही वजह है कि दोनों ही सिपाहियों को सबसे पहले बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही मूसाझांग के एसओ के भी निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि उसे थाना परिसर के सरकारी क्वार्टर में ले जाकर गैंगरेप किया गया। इसके साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता के प्राइवेट पार्ट पर पांच से छह चोटों के निशान पाए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, दो पुलिस कॉन्सटेबलों ने लड़की का पहले अपहरण किया, फिर उसे गाड़ी से क्वार्टर में ले जाकर हवस का शिकार बनाया। यह वारदात नई साल के जश्न के वक्त ही हुई है। यह समय करीब 10 बजे से एक बजे के बीच का बताया गया है। पीड़िता और उसके परिजनों की शिकायत पर दोनों बर्खास्त सिपाहियों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है। सीएम अखिलेश यादव ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आरोपी दोनों सिपाहियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।

वारदात बदायूं जिले के मूसाझाग थाने की है। यहां के प्रह्लादपुर गांव की रहने वाली पीड़िता 31 दिसंबर की रात को दैनिक क्रिया के लिए बाहर गई थी। लोग बताते हैं कि थाने के सिपाही अवनीश यादव और वीरपाल यादव ने उसे अगवा कर लिया। वे देर रात तक थाना परिसर के सरकारी क्वार्टर में उससे रेप करते रहे और बाद में उसे वापस गांव छोड़कर भाग गए। घर पहुंची पीड़िता ने परिजनों को पूरी बात बताई तो वे गांव के लोगों के साथ थाने पहुंचे। इसके बाद अधिकारियों ने पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजते हुए मामला दर्ज कर लिया।

महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट

राज्य महिला आयोग ने बदायूं के गैंगरेप को खुद ही संज्ञान में लिया है। आयोग ने बदायूं समेत कानपुर देहात, मेरठ तथा हरदोई में महिलाओं और छात्राओं के साथ उत्पीडऩ के मामले में सम्बंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को नोटिस भेजकर रिपोर्ट तलब की है।

फोटोः पीड़ित नाबालिग लड़की।