Saturday, August 28, 2021

बस्ती में आई बहार भइया, महेंद्र नाथ अबकी बार भइया

12718378_1909743672585360_8322321985933287756_nलखनऊ (dainikdunia.com)।। बस्ती सदर विधानसभा सीट से वैसे तो समाजवादी पार्टी का टिकट किसे मिलेगा यह फैसला तो पार्टी के हाईकमान को करना है, लेकिन यहां युवाओं को एक जुट करने का काम बहुत तेजी से हो रहा है। यह काम कर रहे हैं, महेंद्र नाथ यादव और सुनील सिंह साजन। दोनों ही नेताओं की ट्यूनिंग बेहतर है। बस्ती जिले में युवाओं की पहली पसंद के रूप में महेंद्र नाथ यादव को लिया जा रहा है। हालांकि राजनीतिक पैरोकारी और सियासी बैकग्राउंड न होने की वजह से महेंद्र नाथ को टिकट मिलेगा या नहीं यह कह पाना काफी मुश्किल है।

बस्ती जिले में कम उम्र में ही पिछड़ों की राजनीति करने वाले महेंद्र नाथ यादव पहली बार उस समय चर्चा में आए थे, जब उनके और उनके परिवार के ऊपर सामंतवादी ताकतों के इशारे पर हमला करवा दिया गया था। खूनी खेल भी खेला गया । उस समय महेंद्र किसान डिग्री कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे। इस छात्र नेता में दूसरों की मदद करने की इस तरह की इच्छा शक्ति थी कि कोई भी गरीब पिछड़ा दलित छात्र यदि किसान डिग्री कॉलेज में उत्पीड़न का शिकार हो रहा होता था, तो उसकी मदद करने के लिए महेंद्र फौरन तैयार हो जाते थे। सियासत के बीज तो महेंद्र नाथ यादव में किसान डिग्री कॉलेज से ही पड़े, लेकिन इसे पेड़ बनाने का काम समाजवादी पार्टी ने किया। इस नेता ने बस्ती जिले की तस्वीर बदल दी है। मजबूर लोगों के साथ यह युवा नेता मजबूती के साथ खड़ा है।

सियासत के ठेकेदारों ने इस युवा नेता का ठेका लेने की कोशिश भी कई बार की, लेकिन वह नाकाम रहे। कठिन समय को किस्मत और हौसले की बदौलत काट लेने वाले इस नेता को भले ही बस्ती के बड़े नेता और मंत्री मजाक में उड़ा दें, लेकिन समय करवट बदलेगा, तो वह हिसाब भी मांगेगा। यह कभी भी हो सकता है, बस्ती की तस्वीर बदल सकती है, तो युवा ही बदल सकता है। सामंतवाद की लड़ाई में बस्ती सदर की सीट पर पिछले दस साल से बसपा का कब्जा है। जीतेंद्र चौधरी यहां से विधायक हैं। फरवरी में आए MLAreportCard.com के सर्वे के मुताबिक विकास कार्यों के आधार पर उनके इलाके की 10 फीसदी जनता उनसे खुश है, जबकि 90 फीसदी लोग नाखुश हैं।

अगड़ों-पिछड़ों की धुरविरोध की इस सीट पर जिसका साथ पिछड़ों ने दिया वही यहां पर चुनाव जीता है। इस बार भी कोई करिश्मा नहीं होगा। लड़ाई वही है, सीट वही है। उम्मीदवार का बस इंतजार है…। (फिर किसी युवा नेता की रिपोर्ट के साथ हाजिर होंगे नमस्कार)

प्रस्तुतिः रवि प्रकाश, लखनऊ

फोटोः फाइल।