Sunday, September 5, 2021

बिहार: 3 महीने से फरार पूर्व मंत्री मंजू वर्मा, जानें कैसे पहुंची कोर्ट फिर जेल !

नई दिल्ली. Arms Act के मामले में आरोपित चेरियाबरियारपुर की विधायक और बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री रहीं कुमारी मंजू वर्मा ने मंगलवार को मंझौल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। दिन के 11: 10 बजे वह छुपते-छुपाते एसीजेएम कोर्ट पहुंचीं। कोर्ट ने उन्हें 11 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेगूसराय मंडल कारा भेज दिया है।

मंजू वर्मा

आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड को लेकर 17 अगस्त को सीबीआई की 12 सदस्यीय टीम ने पूर्व मंत्री के चेरियाबरियापरपुर स्थित पैतृक गांव अर्जुनटोल में छापा मारा तो वहां से प्रतिबंधित बोर की 50 गोलियां मिली थीं।

इस पर सीबीआई ने मंजू वर्मा और उनके पति चन्द्रशेखर वर्मा को आरोपित बनाकर आर्म्स एक्ट मामले में एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद से पूर्व मंत्री फरार चल रही थीं। इस बीच उनके कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की गई, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में विफल रही।

मंगलवार दिन सुबह के 11 बज रहे थे। बेगूसराय जिले के मंझौल कोर्ट परिसर में आम दिनों की तरह लोगों का आना-जाना जारी था। सबकुछ सामान्य था। अचानक कोर्ट परिसर में एक स्विफ्ट डिजाइयर कार आकर रुकती है। लोगों को लगा कि कोई बड़े जज शायद उस गाड़ी से आए हैं। गाड़ी का दरवाजा खुला तो उसमें से एक महिला व एक पुरुष उतरा।

महिला सलवार सूट में थी। वह इस तरह से शॉल ओढ़े हुई थी कि चेहरा नहीं दिखे। लेकिन, जब लोगों ने गौर से देखा तो वह महिला कोई और नहीं पुलिस से फरार चल रही पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा थीं। मंजू वर्मा तेजी से इजलास की ओर बढ़ी।

11 बजकर 10 मिनट में वह इजलास पहुंच चुकी थी। वहां वह किसी से पानी मांगी। काफी बेचैनी महसूस कर रही थी। इस दौरान वह बेहोश होने लगी। वहां मौजूद दो महिला अधिवक्ता ने मंजू वर्मा को संभाला। एसीजेएम प्रभात त्रिवेदी के आदेश पर डॉक्टर की टीम बुलायी गयी। डॉक्टर के इंतजार में न्यायिक प्रक्रिया रुकी रही।

करीब आधे घंटे बाद रेफरल हॉस्पिटल से एक ए ग्रेड नर्स पहुंचीं। उन्होंने बीपी मशीन से मंजू वर्मा का चेकअप किया। स्टाफ ने बताया कि रक्तचाप 150 /90 है। इस दौरान उनके वकील आए और उनके सरेंडर की प्रक्रिया में जुट गए।

चारों तरफ लग गई समर्थकों की भीड़

लगभग साढ़े ग्यारह बज रहे थे। कोर्ट परिसर खचाखच भर गया। चारों तरफ समर्थकों व पुलिस की भीड़ लग गई। पूर्व मंत्री की तबीयत बिगड़ते देख चेरियाबरियारपुर थानाध्यक्ष ने उनके स्वास्थ्य जांच के लिए आनन-फानन में चिकित्सक को बुलाया। 12 से बजे से सवा बारह बजे तक चेकअप चलते रहा। करीब 10 मिनट बाद बेगूसराय मंडल कारा में कार्यरत डॉ। राहुल कुमार ने मंजू वर्मा के स्वास्थ्य की जांच की।

डॉक्टर ने मंजू वर्मा को पानी पीने की सलाह दी। उन्होंने मीडिया को बताया कि गठिया एवं रक्तचाप की शिकायत पहले से है। बीमारी से संबंधित दवाइयां पहले से चल रही हैं। थोड़ी घबराहट है। इसलिए रक्तचाप बढ़ा हुआ है।

पहली दिसंबर को होगी पेशी

देखते ही देखते कोर्ट परिसर में सैकड़ों लोग जुट गए। सुरक्षा बलों के साथ मंजू वर्मा को इजलास से ले जाकर कैदी वाहन में बिठाया गया। साढ़े बारह बजे उन्हें कैदी वाहन से मंडल कारा भेज दिया गया। अब पति-पत्नी दोनों की पेशी दिसंबर महीने की पहली तारीख को होगी।